नई दिल्‍ली [माला दीक्षित]। उन्‍नाव दुष्‍कर्म मामले में दिल्‍ली की तीस हजारी कोर्ट ने दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस सजा के सुनाए जाने के बाद ही उनकी विधायकी भी चली गई है। कोर्ट के फैसले के बाद अब वह विधायक नहीं रहे। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने उन्‍हें पार्टी से निष्‍कासित कर दिया था। अब फैसले के बाद उन्‍हें ताउम्र सलाखों के पीछे ही रहना होगा। कोर्ट ने सजा सुनाते के बाद ही उन्‍हें जनता के साथ विश्‍वासघात करने का दोषी माना है।

इस कारण गई विधायकी

आपराधिक मुकदमे में दो साल की सजा सुनाए जाने के साथ ही यह प्रावधान है कोई भी जनप्रतिनिधि अपनी सदन की सदस्‍यता खो देता है। इससे बचाने वाला कानून सुप्रीम बहुत पहले ही खारिज कर चुका है। ऐसे में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की विधायकी जाना तय है। हालांकि एक औपचारिक घोषणा जरूर होगी। बता दें कि इसी कानून की तहत बिहार की कद्दावर नेता लालू प्रसाद यादव सहित कई अन्‍य नेता भी सदन की सदस्‍यता खो चुके हैं। 

यह है पूरा उन्नाव कांड

आरोप है कि विधायक सेंगर ने नौकरी देने का वादा करके अपने आवास पर पीड़िता से दुष्कर्म किया था।इसके बाद पीड़िता को किडनैप कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात भी हुई थी, जिसमें तीन नामजद समेत छह आरोपित हैं।  इसके अलावा पीड़िता के पिता के खिलाफ 3 अप्रैल 2018 को शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था और पुलिस हिरासत में अत्यधिक पिटाई के कारण उनकी मौत हो गई थी। 

कार दुर्घटना के कारण हुई थी चाची की मौत

इसके बाद 28 जुलाई को चाचा से मिलकर वापस लौटने के दौरान रायबरेली में पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। घटना के समय कार में पीड़िता की चाची, मौसी व वकील भी थे। इस घटना में उसकी चाची व मौसी की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता व उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लखनऊ से दिल्ली लाकर घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां कई दिनों तक इलाज चला था। सुप्रीम कोर्ट ने ही उन्नाव कांड से जुड़े सभी मामलों को उत्तर प्रदेश से दिल्ली की तीस हजारी अदालत में स्थानांतरित किया था। तीस हजारी अदालत में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, पीड़िता के पिता पर झूठा केस दर्ज करने व उनकी हत्या के मामले की सुनवाई चल रही है। इसके अलावा, पीड़िता की कार को टक्कर मारने वाले केस का आरोप पत्र सीबीआइ दाखिल कर चुकी है। फिलहाल पीड़िता अपने परिवार के साथ दिल्ली में ही रह रही है, क्योंकि परिवार ने उन्नाव लौटने से इन्कार कर दिया था।

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