गाजियाबाद,जेएनएन। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पांच बूथों में पड़े मतों की गणना वीवीपैट मशीन के माध्यम से की जाएगी। चुनाव आयोग ने यह फैसला इसलिए उठाया है, क्योंकि मतदान वाले दिन यानि 11 अप्रैल को जिले के मोदीनगर के तीन और लोनी क्षेत्र के दो केंद्रों पर चुनाव कर्मियों ने मॉकपोल डिलीट किए बिना वोटिंग शुरू करा दी थी।

दरअसल मतदान से पूर्व ईवीएम की जांच के लिए मॉकपोल किया जाता है। मतदान शुरू होने से पहले इसे क्लियर कर दिया जाता है। मतदान वाले दिन मोदीनगर के बूथ संख्या 4, 5 व 247 और लोनी के 171 व 478 बूथ संख्या पर मॉकपोल डिलीट नहीं किया गया। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतगणना के दौरान इन सभी बूथों की गणना वीवीपैट से कराई जाए।

ऐसे चला डाटा क्लियर न होने का पता

मतदान प्रक्रिया शुरू होने से पहले पीठीसीन अधिकारी द्वारा एजेंटों से ईवीएम की जांच के लिए मॉकपोल कराया जाता है। इसमें एजेंटों द्वारा 50 वोट डाले जाते हैं, जिन्हें डिलीट कर दिया जाता है, लेकिन इन पांच बूथों का डाटा क्लियर नहीं किया गया। जब कंट्रोल यूनिट में टोटल का बटन दबाकर वोट देखे गए तो पता चला कि मॉकपोल डिलीट नहीं किया गया। इसके बाद पीठासीन अधिकारियों ने इसकी सूचना सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दी। इस बात की जानकारी मिलने पर आयोग ने वीवीपैट के माध्यम से मतों की गणना कराने को कहा।

गाजियाबाद के एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह ने कहा, पांच बूथों पर मॉकपोल ईवीएम से क्लियर नहीं किया गया था। इस संबंध में निर्वाचन आयोग के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इन सभी बूथों की गणना वीवीपैट के माध्यम से कराई जाएगी।

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Posted By: JP Yadav

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