नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) हिंसा मामले में क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने सोमवार को जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत तीन छात्रों से पूछताछ की। आईशी से महिला पुलिस अधिकारियों ने कम्यूनिटी सेंटर में करीब 40 मिनट तक पूछताछ की। वहीं वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े वाष्कर विजय और पंकज मिश्रा से भी प्रशासनिक भवन स्थित एसआइटी कार्यालय में करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान सौ से ज्यादा सवाल पूछे गए।

दोबारा भी होगी पूछताछ

पुलिस अधिकारी का कहना है कि तीनों से जेएनयू परिसर में ही घटना के संबंध में विस्तार से पूछताछ की गई। जानने की कोशिश की गई कि घटना के दौरान वे कहां थे। मारपीट व तोड़फोड़ में वह शामिल थे अथवा नहीं। उन्होंने क्या देखा। क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक, इनसे दोबारा भी पूछताछ की जाएगी। शनिवार को क्राइम ब्रांच ने वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े सात व दक्षिणपंथी छात्र संगठनों से जुड़े दो विद्यार्थियों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था।

नौ लोगों के फोटो हुए थे जारी

जेएनयू हिंसा मामले में गत शुक्रवार को क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने जिन नौ छात्रों के फोटो जारी किए थे, उनमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष सहित पूर्व छात्र चुनचुन कुमार, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के छात्र पंकज मिश्रा, संस्कृत के शोध छात्र योगेंद्र भारद्वाज, स्कूल ऑफ लैग्वेज, लिटरेचर ऐंड कल्चरल स्टडीज के छात्र प्रिया रंजन, स्टडीज ऑफ कोरियन लैंग्वेज के विकास पटेल, स्कूल ऑफ सोशल साइंस-सेंटर ऑफ हिस्टोरिकल स्टडीज के डोलन समांता, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सुचेता तालुकदार व एमए के छात्र वास्कर विजय शामिल हैं। 

जेएनयू में 5 फरवरी को हुई हिंसा मामले से जुड़े सुबूतों, सीसीटीवी फुटेज और डाटा को संरक्षित रखने की मांग को लेकर तीन प्रोफेसरों की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस, गूगल और वाट्सएप से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति बृजेश सेठी की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि जेएनयू प्रशासन को घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने और पुलिस को सौंपने को कहा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। वाट्सएप को भी पत्र लिखकर यूनिट अगेंस्ट लेफ्ट एवं फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस वाट्सएप ग्रुप से जुड़े वीडियो, पिक्चर, ग्रुप के सदस्यों के फोन नंबर एवं डाटा संरक्षित करने के संबंध में कहा गया है।

याचिकाकर्ताओं प्रोफेसर अमित परामेस्वरन, प्रोफेसर अतुल सेन और प्रोफेसर शुक्ला विनायक सावंत ने मांग की है कि इस घटना से जुड़े वाट्सएप, गूगल, एपल के मैसेज के साथ यूनिट अगेंस्ट लेफ्ट और फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस जैसे वाट्सएप ग्रुप के डाटा को संरक्षित रखने का निर्देश दिया जाए। इन ग्रुप से जुड़े सदस्यों के नंबर, वीडियो, तस्वीरें संरक्षित की जाएं, ताकि जांच में मदद मिल सके। साथ ही, जेएनयू कैंपस की सभी सीसीटीवी फुटेज को रिट्रीव किया जाए।

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