नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (National Law University) दिल्ली के रजिस्ट्रार और दो नियुक्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि एनएलयू के रजिस्ट्रार जी.एस वाजपेयी (GS Vajpayee) इस पद की योग्यता को पूरा नहीं करते हैं।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि जी.एस वाजपेयी लॉ स्नातक नहीं हैं?  ऐसे में कैसे रजिस्ट्रार पद पर उनकी नियुक्ति 2014 में की गई? लॉ की डिग्री नहीं है और उन्हें एलएलएम और पीएचडी फैकल्टी का हेड बनाया गया है। याचिका के मुताबिक उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 2017 में अपनी बेटी महक को एलएलएम में दाखिला दिला दिया और 2018 में पीएचडी में नामांकन करा दिया। इसके बाद 2019 में महक को यूनिवर्सिटी में रिसर्च असिस्टेंट और गेस्ट फैकल्टी के तौर पर नियुक्त करा दिया। याचिका में यह भी कहा गया है कि रजिस्ट्रार ने अपनी भतीजी सभ्यता प्रकाश को एनएलयू में ही संचार प्रबंधक के पद पर नियुक्ति करा दी।

आरटीआइ कार्यकर्ता अशोक कुमार जैन की याचिका हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार, एनएलयू, वाइस चांसलर, महक और सभ्यता प्रकाश को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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Posted By: JP Yadav

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