नई दिल्ली [किशन कुमार]। पृथक मिथिला राज्य के गठन समेत अन्य मांगों को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर मैथिली भाषा को प्राथमिक शिक्षा में शामिल करने की मांग को लेकर विरोध जताया। 

मूलभूत सुविधाओं का अभाव

समिति के अध्यक्ष डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ने कहा कि मिथिला राज्य का निर्माण जब तक नहीं होगा तब तक यहां पर मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पाएंगी। वहीं, समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर झा ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी अधिक है, इस वजह से लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। वहीं, नेपाल की ओर से भी बाढ़ आने का खतरा बना रहता है।

नेपाल में बने बांध

ऐसे में नेपाल की ओर बांध बनना चाहिए जिससे बिजली का भी उत्पादन किया जा सकता है। समिति के दिल्ली के प्रवक्ता मिहिर झा ने कहा कि मिथिला राज्य के साथ यहां पर एम्स, एयरपोर्ट, आइआइटी समेत अन्य सुविधाएं भी होनी चाहिए।

31 जनवरी को चक्‍का जाम की चेतावनी 

वहीं, प्रो. अमरेंद्र झा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने हमारी मागों को नहीं माना तो 31 जनवरी को दिल्ली का चक्का जाम किया जाएगा। प्रदर्शन में पं हरेकांत झा, सरोज मोहन झा व जिंतेंद्र पाठक समेत अन्य लोगों ने विरोध प्रकट किया।

Posted By: Prateek Kumar

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