जेएनएन। Muzaffarpur shelter home case: बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में सोमवार को साकेत स्थित विशेष पॉक्सो अदालत में अंतिम बहस की सुनवाई पूरी हो गई। इस मामले में 21 लोगों के खिलाफ दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न समेत विभिन्न आरोपों में मुकदमा चल रहा है। 24 सितंबर से आरोपित पक्ष के लोग अपनी दलीलें पेश कर रहे थे। अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने पिछली सुनवाई में 30 सितंबर तक दोनों पक्षों को अपनी दलीलें पूरी करने का समय दिया था। मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर है। वहीं अन्य आरोपितों में बालिका गृह के कर्मचारी और सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारी शामिल हैं। पिछले साल जुलाई में मुजफ्फरपुर जिले में सरकारी सहायता प्राप्त बालिका गृह में कई बच्चियों से दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था।

 23 फरवरी से चल रही है सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 23 फरवरी से ही मामले की साकेत कोर्ट में नियमित सुनवाई चल रही है। उसी समय सभी आरोपितों को कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली लाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया है। मामले से जुड़े एक वकील ने बताया कि इस तरीके के अपराध में न्यूनतम 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।

यह है पूरा मामला

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की रिपोर्ट के आधार पर बाल संरक्षण इकाई ने मई 2018 में महिला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। टिस की रिपोर्ट में बालिका गृह में बच्चियों के साथ यौन शोषण की बात सामने आयी थी। मामले में ब्रजेश ठाकुर समेत 21 आऱोपितों पर मामला दर्ज किया गया था।

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Posted By: Mangal Yadav

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