नई दिल्‍ली, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर में पहले हिंसा भी होती रही है और पिछली सरकारों ने इसे नियंत्रित करने के लिए राज्य में कर्फ्यू लगाए हैं। लेकिन, अनुच्छेद 370 के हटने के 5 अगस्त के हटने के बाद राज्य में एक भी बार कर्फ्यू नहीं लगा है। किसी भी तरह की हिंसा की घटना सामने नहीं आई है। वहां के लोग खुश हैं। अब राज्य में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ेगा, कई कंपनियां खुलेंगी। वहां पर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार हो सकेगा। अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी। साथ ही इसी के कारण राज्य में आतंकवाद पनप रहा था वहां पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं हुआ करती थीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास नहीं होता था। निजी क्षेत्र की कंपनियां वहां पर निवेश नहीं कर सकती थीं, जबकि उत्तर पूर्वी राज्य में जापान, इस्रायल एवं कई देशों से निवेश हो रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जीतेंद्र सिंह ने यह बातें कहीं।

रहने की थी समस्‍या

गुरुवार के दिन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में आयोजित अनुच्छेद 370 का अंत : जम्मू-कश्मीर में शांति, स्थिरता और विकास पर व्याख्यान देने के लिए डॉ जीतेंद्र सिंह पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर के किसी भी शिक्षण संस्थान में शिक्षक पढ़ाने के लिए जाना नहीं चाहते थे क्योंकि इस अनुच्छेद के कारण वह वहां पर रह नहीं सकते थे, वहां पर अपने बच्चों को पढ़ा नहीं सकते थे।

पांच साल में हुआ विकास

मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल में उत्तर पूर्वी राज्यों में बहुत ही विकास कार्य हुए लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग इससे वंचित रहे क्योंकि वहां पर अनुच्छेद 370 था। इसके हटने से वास्तिक लोकतंत्र को स्थापित किया जाएगा, जिससे वहां के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। सबसे ज्यादा फायदा कश्मीर के युवाओं को मिलेगा। मुझे लगता है कि अब तक कश्मीर के युवाओं के साथ अन्याय हुआ है, उनमें बहुत प्रतिभा है और एेसे ही कई आकांशित कश्मीर के दर्जनों छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा, आइआइटी, जेईई परीक्षा, नीट परीक्षा में सीट हासिल की है। तो अनुच्छेद 370 के हटने से वहां के युवाओं को बहुत लाभ मिलेगा।

कश्मीर में निजी क्षेत्र को कंपनियां खोलने का अवसर मिलेगा

कश्मीर में कंपनी खोलने के सवाल पर जीतेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद राज्य में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाक पुर्नगठन का काम किया जा रहा है। 31 अक्टूबर के बाद राज्य के लोगों को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ मिलने लगेंगे। हम इस पर काम कर रहे हैं कि जो भी कानून देश भर में लागू हैं, वह इन केंद्र शासित प्रदेश में भी लागू किए जाएंगे। निजी क्षेत्र की कंपनियों को जम्मू-कश्मीर में कंपनियां खोलने का अवसर मिलेगा।

व्याख्यान को लेकर वामपंथी छात्रों ने जताया विरोध, एबीवीपी ने किया समर्थन

इस व्याख्यान के शुरू होने से पहले ही जेएनयू कंवेंशन सेंटर में वापमंथी छात्र संगठनों ने आॅडिटोरियम के बाहर विरोध शुरू कर दिया था और अनुच्छेद 370 के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी थी। इसमें कई कश्मीर के भी छात्र थे। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अनुच्छेद 370 के समर्थन में नारेबाजी की। दोनों ही छात्र संगठन के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।

Posted By: Prateek Kumar

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