राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : लाभ का पद मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद होने की घटना से दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार अभी उबर भी नहीं पाई थी कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) का फंदा और कसता नजर आ रहा है। सीबीआइ ने उनके विभाग से जुड़ी दिल्ली डेंटल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. ऋषि राज व काउंसिल के वकील प्रदीप शर्मा को शनिवार रात 4.73 लाख रुपये रिश्र्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अहम बात यह है कि रजिस्ट्रार के लॉकर से करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो सत्येंद्र जैन व उनकी पत्नी के नाम पर हैं। पहले से ही सीबीआइ जांच का सामना कर रहे सत्येंद्र जैन की मुश्किलें इस कारण बढ़ सकती हैं।

सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, ब्लैकलिस्ट किए गए दांतों के एक डॉक्टर ने जांच एजेंसी से भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। उसने सीबीआइ को बताया था कि उसके मामले को रफा-दफा करने और उसके विधिक मामलों में मदद करने के बदले काउंसिल के अधिकारी 15 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। इसके बाद सीबीआइ ने रजिस्ट्रार डॉ. ऋषि राज के यहां छापामारी कर उन्हें और काउंसिल के वकील को 4.73 लाख रुपये रिश्र्वत लेते गिरफ्तार किया।

सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्रार के लॉकर से सत्येंद्र जैन की तीन संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें 12 बीघा दो बिस्वा और आठ बीघा 17 बिस्वा जमीन की खरीद के दस्तावेज और 14 बीघा जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी के कागज हैं। ये जमीनें बाहरी दिल्ली के कराला गांव में हैं। इसके अलावा, सीबीआइ के हाथ दो करोड़ रुपये की बैंक की डिपॉजिट स्लिप बुक भी मिली है। इसके जरिये वर्ष 2011 में रुपये जमा कराये गए थे। यह डिपॉजिट स्लिप जैन, उनके परिवार व उन कंपनियों के नाम हैं, जिनमें जैन निदेशक थे। इसके अलावा, सत्येंद्र जैन व उनकी पत्नी के नाम की 41 चेक बुक भी मिली हैं। सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक, ऐसा प्रतीत होता है कि सीबीआइ से बचने के लिए जैन ने अपनी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज रजिस्ट्रार के घर रखवा दिए हों। रजिस्ट्रार के लॉकर से 24 लाख रुपये नकद और करीब आधा किलो सोना भी बरामद हुआ है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह धनराशि व सोना जैन से संबंधित है या नहीं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर सीबीआइ ने चार दिन के रिमांड पर ले लिया है।

उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने पहले बाहरी दिल्ली के इलाके में सत्येंद्र जैन की कथित 220 बीघा जमीन बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत जब्त कर रखी है। साथ ही भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआइ में उनके खिलाफ पहले ही मामला दर्ज है। जांच एजेंसी उनके खिलाफ हवाला ऑपरेटरों से संबंधों और काले धन को सफेद करने के लिए बोगस कंपनियां बनाने के मामले में भी जांच कर रही है। उनके घर सीबीआइ छापे भी मार चुकी है। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, दस्तावेज न मिलने के कारण जैन के खिलाफ केस में आगे जांच नहीं हो पा रही थी। ऐसे में सीबीआइ को बड़ी सफलता हाथ लगी है और माना जा रहा है कि सीबीआइ इसी हफ्ते सत्येंद्र जैन से इस मामले में पूछताछ कर सकती है।

ताजा घटनाक्रम से केजरीवाल सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर भी आ गई है। आप सरकार जहां अपने मंत्री के साथ खड़ी दिख रही है, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सत्येंद्र जैन को बर्खास्त करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण पर जवाब देने की मांग की है।

Posted By: Sachin Bajpai

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