नई दिल्ली, जेएनएन। पाकिस्तान के ननकाना साहिब से अगवा की गई सिख लड़की के वापस परिवार के पास पहुंचने की उम्मीद बंधने पर सिखों ने राहत की सांस ली है। इसके लिए दिल्ली के सिख नेता व अन्य सिख पिछले कई दिनों से आवाज बुलंद कर रहे थे। सोमवार को पाक उच्चायोग के सामने सिखों ने प्रदर्शन भी किया था। वहीं, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पाकिस्तान में अगवा कर मुस्लिम बनाई गई हिंदू व सिख लड़कियों को उनके परिवार के पास वापस पहुंचाने के लिए संघर्ष करने का ऐलान किया है।

कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पिछले ढाई माह में 31 हिंदू व सिख लड़कियों का अपहरण करके मुस्लिम युवकों से निकाह कराया गया है। उन्होंने इन लड़कियों की सूची जारी की और कहा कि वहां लव जेहाद हो रहा है जिसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सिखों का संघर्ष काम आया और ननकाना साहिब से अगवा की गई लड़की के घर वापस लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। अब अन्य लड़कियों की वापसी के लिए संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जबरन धर्मातरण की घटनाओं की जांच की जाए तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आएंगे। आजादी के समय तीन लाख से ज्यादा हिंदू व सिख परिवारों ने पाकिस्तान में ही रहने का फैसला किया था जिनकी संख्या अब मात्र तीन हजार रह गई है। उन्होंने भारत सरकार, संयुक्त राष्ट्र व विश्व भर में मानव अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों से इस मामले को उठाने की अपील की।

पाक उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन करने वाले डीएसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह ने कहा कि चौतरफा अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे पाक सरकार को झुकना पड़ा है। अब उम्मीद है कि वहां धर्मातरण कराने वाले कट्टरपंथियों पर अंकुश लगेगा।

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Posted By: Mangal Yadav

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