चंडीगढ़, जेएनएन। 'सिद्धू वाणी' अब खतरे से बाहर है और पहले की तरह गूंजती रहेगी। अपने भाषण की खास अौर बेबाक शैली के लिए मशहूर पंजाब केे स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू अब बिल्‍कुल ठीक हैं। उनकी आवाज के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया था, लेकिन अब सिद्धू ने खुद बताया है कि वह पूरी तरह ठीक हो गए हैं और कल चंडीगढ़ आएंगे।

बता दें कि राज्‍य के कई जिले में कांग्रेस का चुनाव प्रचार करते-करते अपनी आवाज खोने की कगार पर पहुंच गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब डॉक्टरों ने उन्हें तीन से पांच दिन कंप्लीट रेस्ट की सलाह दी थी । बताया जाता हे कि डॉक्‍टरों ने कहा कि अब यदि अधिक बोला तो उनकी आवाज जा सकती है। इसके बाद शुक्रवार को सिद्धू ने खुद अपने स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने ट्वीट कर बताया कि वह अब ठीक हैं। नवजोत सिद्धू ने ट्वीट किया, ' अब पूरी तरह ठीक हूं। तीन रातों के आराम ने अद्भूत काम किया है और मैं फिट व बेहतर महसूस कर रहा हूं। चौथे रात का आराम भी काफी काम करेगा। कल चंडीगढ़ लौटूंगा।'

 

डॉक्‍टरों ने पांच दिनों तक पूरे आराम और पूरी तरह चुप रहने की सलाह दी थी

वीरवार को एक आधिकारिक प्रवक्ता ने सिद्धू के बीमारी के बारे में खुलासा किया था । जानकारी के अनुसार सिद्धू के खून के कई परीक्षण किए गए और डॉक्‍टरों ने उनका इलाज शुरू किया। सिद्धू संपूर्ण जांच और स्वास्थ्य रिकवरी के लिए एक अज्ञात स्थान पर चले गए। उन्हें सांस लेने के अभ्यास करवाया जा रहा है। साथ ही, फिजियोथेरेपी के साथ विशेष दवाएं दी जा रही हैं।

सिद्धू ने 17 दिनों में 70 से अधिक जनसभाओं को किया संबोधित

बता दें कि सिद्धू पिछले दिनों 17 दिवसीय चुनाव अभियान पर थे। विशेष तौर पर तेलंगाना और राजस्‍थान में उन्होंने कांग्रेस के समर्थन में कई सभाएं की थीं। उन्होंने 70 से अधिक सार्वजनिक बैठकों में लोगों को संबोधित किया था। उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश में भी कांग्रेस के लिए चुनावी सभाआें को संबोधित किया। इस दौरान लगातार भाषण देने के कारण उनकी वोकल कॉर्ड्स को काफी नुकसान पहुंचा। मेडिकल हेल्प लेने पर डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि मामला बहुत गंभीर है। वह अपनी आवाज खोने के कगार पर थे। डॉक्टरों ने सिद्धू को तीन से पांच दिन तक पूरा आराम करने का सुझाव दिया है।



प्रवक्ता ने बताया कि लगातार हेलीकॉप्टर और विमान यात्रा करने से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। वह पहले ही एंबोलिज्म (धमनी में खून का थक्का जमना या हवा का बुलबुला बनना) के लिए उपचार करवा रहे थे। उन्हें कुछ साल पहले अत्यधिक हवाई यात्रा करने के कारण डीप वेन थ्रोबोसिस (डीवीटी) का सामना करना पड़ा था।

डॉक्‍टरों ने सिद्धू से कहा- पांच दिन तक कुछ ने बोलें

 डॉक्‍टरों के अनुसार, सिद्धू को लिरिंगजाइटिस (गले की बीमारी, वोकल कार्ट) नामक बीमारी हो गई है। इसे लेकर उन्हें पांच दिनों तक एकदम चुप रहने की सलाह डाक्टरों ने दी है। बता दें कि दो सप्ताह से पंजाब व भारत से लेकर पाकिस्तान तक में अपनी तेज तर्रार भाषण शैली तथा अपने सियासी विरोधियों पर कमेंट करने को लेकर सिद्धू सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बिंदु बने हुए हैं।

श्री करतारपुर साहिब कोरीडोर के निर्माण को लेकर पाकिस्तान में नींव का पत्थर रखने को लेकरक आयोजित समारोह में शिरकत करके लौटने के बाद सिद्धू मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कमेंट करके बुरे फंस गए हैं। कांग्रेस ने उन्हें पाकिस्तान से लौटने के बाद तेलंगाना व राजस्थान में चुनाव प्रचार के लिए भेज दिया था। तेलंगाना में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ उन्होंने बयान दे दिया कि उनके कैैप्टन तो राहुल गांधी हैं, अमरिंदर नहीं। इसके बाद सिद्धू कांग्रेसियों के निशाने पर चल रहे हैं।

इस कारण होती है यह बीमारी

चिकित्‍सा विशेषज्ञ इसे इस रूप में देखते हैं जब शरीर उत्साह से भरा हो और दिमाग तथा शरीर लगातार तेज बोलने को लेकर प्रेरित कर रहा हो और गला आपका साथ न दे तो इसे लिरिंगजाइटिस की बीमारी कहते हैं। यानी शरीब व दिमाग नहीं थका लेकिन गला थक गया। दोनों से बीच तालमेल खराब होने से यह बीमारी होती है।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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