रामपुर, जेएनएन। करीब आठ दर्जन मुकदमों में नामजद समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां के पक्ष में माहौल बनाने रामपुर पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुस्लिम धर्मगुरू के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रामपुर में धर्मगुरु मोहब्बे अली ने अपील की है कि कोई भी मुसलमान सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से न मिले। इतना ही नहीं मोहब्बे अली ने आजम खां को मुसलमानों का घोर विरोधी बताया है।
तंजीम अवामे अहले सुन्नत के अध्यक्ष मौलाना मोहब्बे अली ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के शासन में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां ने यहां अघोषित इमरजेंसी लगा कर मुसलमानों पर अंग्रेजों से भी ज्यादा अत्याचार किए थे। धर्मगुरुओं से अपील है कि ऐसे आदमी की हिमायत में आ रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से न मिलें। सांसद आजम के विरोध में आए मोहब्बे अली ने पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के आवास पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु उस वक्त को याद करें, जब आजम खां ने यहां के मुसलमानों की दुकानें, मकान और कारोबारों को नेस्तनाबूत कर दिया था। इसके अलावा उन्हें फर्जी मुकदमे दर्ज करवा कर जेल भी भिजवाया था।
यहां पर उनके जुल्मों की जद से धार्मिक स्थल भी न बच सके थे। उन्होंने कब्रिस्तानों को खुदवा कर सड़कें निकलवाईं। कई मजारों को शहीद करवाया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की तरक्की के लिए केंद्र सरकार से जो धन मिला, उसकी भी सारी धनराशि हड़प कर गए। मदरसा आलिया को तबाह कर उस पर अवैध कब्जा कर लिया। उसकी लाइब्रेरी की हजारों किताबों को चुराकर वह अपनी यूनिवर्सिटी में ले गए। हद यह है कि वह मुसलमानों को शिक्षा का मुखालिफ कह कर उन्हें बदनाम करते हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान तालीम का नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी को निजी संपत्ति बनाने का मुखालिफ है। यहां के धर्मगुरुओं से निवदेन है कि उनका पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने का जो कार्यक्रम है, उसे स्थगित कर दें। उन्होंने कहा कि आजम खां से नहीं, बल्कि अल्लाह से डरें। माइनरटीज डजेमोक्रेटिक पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अरशद वारसी, जाहिद हुसैन आदि मौजूद रहे। 

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