जागरण संवाददाता, जयपुर। BSP: राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला हाईकोर्ट में लंबित है, लेकिन विधानसभा सत्र को देखते हुए बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने विलय करने वाले छह विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है, जिसमें विश्वास प्रस्ताव सहित सभी मुद्दो पर सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए कहा गया है। विश्वास प्रस्ताव तो शुक्रवार को पारित हो गया। अब विभिन्न विधेयकों को सदन की आगामी बैठकों में मतदान हो सकता है, ऐसे में बसपा नेतृत्व ने सरकार के खिलाफ मतदान के लिए कहा है। उधर, विधायकों ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया है।

शुक्रवार शाम विधायकों ने कहा कि इस व्हिप का कोई औचित्य नहीं है। यह हम पर लागू नहीं होता है, क्योंकि हम अब कांग्रेस के विधायक हैं। बसपा के व्हिप की हैसियत हमारे लिए कागज के टुकड़े के समान है। विधायक जोगेंद्र सिंह अवाना और वाजिब अली ने कहा कि हमारा कांग्रेस में विलय हो चुका है। विधानसभा अध्यक्ष इसे मंजूरी भी दे चुके हैं। हम कांग्रेस विधायकों में सूचीबद्ध हैं। इसलिए किसी तरह के मतदान में कांग्रेस के साथ रहेंगे। अवाना ने कहा कि हमारा कानूनन विलय हो चुका है। बसपा के व्हिप जारी करने की जानकारी हमें मीडिया से मिली है।

बसपा के किसी पदाधिकारी ने हमसे संपर्क नहीं किया और हमें व्हिप का कोई लिखित आदेश भी नहीं मिला है।अब हम कांग्रेस हाईकमान का आदेश मानेंगे। बसपा को व्हिप जारी नहीं करना चाहिए था। वाजिब अली ने कहा कि बसपा को हमें व्हिप जारी करने का अधिकार ही नहीं है। बदली परिस्थिति में सत्ता की भागीदारी पर विधायकों ने कहा कि यह सीएम का विशेषाधिकार है, जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसको निभाएंगे। वहीं, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने विधायकों को कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के लिए व्हिप जारी किया है। 

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