राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक बार फिर रेलवे पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के बड़ी तादाद में आने के चलते राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार से परामर्श किये बगैर रेलवे कोरोना के हॉटस्पॉट वाले राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों को ट्रेनों में ठूंस- ठूंस उन्हें जबरदस्ती वापस बंगाल भेज रही है। उन्होंने दावा किया कि यह शारीरिक दूरी का पालन किये बगैर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय रेल श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के बजाय ‘कोरोना एक्सप्रेस’ ट्रेनें चला रही है। उन्होंने सवाल किया कि अन्य राज्यों से लौट रहे प्रवासी श्रमिकों के लिये और अधिक ट्रेन क्यों नहीं चलाई जा रही है? 

राज्य सचिवालय नवान्न में पत्रकारों से बात करते हुए ममता ने कहा, बंगाल पिछले दो महीने में कोविड-19 को फैलने से रोकने में सफल रहा था, लेकिन अब मामले इसलिए बढ़ रहे हैं, क्योंकि कोरोना से सबसे ज्यादा संक्रमित महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग लौट रहे हैं। रेलवे हजारों प्रवासी श्रमिकों को एक ही ट्रेन में भेज रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही सीट पर तीन-तीन लोगों को ठूंस-ठूंस बैठाया जा रहा है। यात्रियों को खाना- पानी भी नहीं दिया जा रहा है और भूखे प्यासे प्रवासी श्रमिक 48 से 72 घंटे की यात्रा करने को मजबूर हैं।

ममता ने सवाल किया कि जब राज्य सरकार रेलवे का पूरा किराया दे रही है तो अधिक ट्रेनें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं। ममता ने बिहार के मुजफ्फरपुर स्टेशन पर मां के शव के साथ खेलते बच्चे की घटना का भी जिक्र करते हुए रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रेलवे की लापरवाही के कारण कई लोग मर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले बुधवार को भी ममता ने रेलवे पर मनमर्जी का आरोप लगाते हुए स्पेशल ट्रेनें बंगाल भेजने का आरोप लगाया था। उन्होंने बंगाल में रोज श्रमिक विशेष ट्रेन भेजने की रेलवे की कथित 'सनक' भरी कार्यप्रणाली को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की भी मांग की थी।

 

Posted By: Vijay Kumar

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