कोलकाता, जागरण संवाददाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव में बढ़त पर ममता बोलीं यह जनता की जीत है। ममता बनर्जी ने कहा है यह लोगों की जीत है। यह विकास की जीत है। अहंकार की राजनीति नहीं चलेगी। लोगों ने भाजपा को नकार दिया है।  

बंगाल में तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में तृणमूल ने जीत का परचम लहराया है। इन सीटों में कालियागंज व खडग़पुर सदर सीट पर जीत तृणमूल के लिए बड़ी उपलब्धि है क्योंकि, अस्तित्व में आने के  बाद से अब तक तृणमूल को यहां जीत नहीं मिली थी और यह जीत पार्टी को 21 साल बाद नसीब हुई है। इस जीत से गदगद तृणमूल प्रमुख व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह ऐतिहासिक जनादेश है और जनता ने भाजपा के अहंकार को जवाब दिया है।

एक निजी टेलीविजन चैनल से बातचीत में सुश्री बनर्जी ने कहा कि मैं मां, माटी, मानुष के प्रति आभारी हूं, कतार में खड़ा होकर लोगों ने वोट दिया और यही लोकतंत्र की खूबसुरती है कि जनता का साथ सबको जवाब देता है। यह देश, जाति के नाम पर लोगों को बांटने वालों को करारा जवाब है जिसे वही महसूस कर सकता है जिसने जनता के हित में कोई उपलब्धि हासिल की हो।

ममता ने कहा कि हम इस जीत का श्रेय बंगाल की जनता को देते हैं। भाजपा अपने अहंकार और बंगाल के लोगों को अपमानित करने का परिणाम भुगत रही है। वहीं, विपक्षी माकपा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद को मजबूत करने के बजाय राज्य में भाजपा की मदद कर रहे हैं।

बता दें कि तीन विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को उपचुनाव हुए थे। खडग़पुर सदर और करीमपुर विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों क्रमश: दिलीप घोष (भाजपा) और महुआ मोइत्रा (तृणमूल कांग्रेस) ने लोकसभा चुनाव लड़ उसमें जीत हासिल की थी, जिसके बाद ये सीटें खाली हो गईं थी। वहीं कालियागंज की सीट कांग्रेस विधायक प्रमथ नाथ राय के निधन के बाद खाली हो गई थी।  

21 से पहले 19 में ही साफ हुई भाजपा

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल को लेकर नारा दिया था 19 में हाफ 21 साफ, इसी नारे को हथियार बनाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वे 21 में साफ की बात कर रहे थे लेकिन तीन सीटों के उपचुनाव ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा 19 में ही साफ हो गई। सभी ने बढ़ चढ़ कर मतदान में हिस्सा लिया है, यह बड़ी बात है भले ही यह उपचुनाव ही क्यों न हो।

एनआरसी ही नहीं, सीट के हिसाब से अलग-अलग मुद्दे जीत की वजह

क्या भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव प्रचार में राज्य में एनआरसी लागू करना का दंभ भरना हार की वजह रही? इस पर ममता बनर्जी ने कहा निश्चित तौर पर एनआरसी एक फैक्टर है लेकिन अलग-अलग सीटों के लिए अलग मुद्दे हमारी जीत की वजह बनी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में सब को साथ लेकर चलने की संस्कृति रही है। खडग़पुर में विभिन्न भाषाओं के लोग रहते हैं, कालियागंज में मुस्लिम व हिन्दुओं की आबादी है, यहां राजवंशियों को अब यह समझ आ चुका है कि तृणमूल उनके साथ है। मुस्लिम, हिंदु सभी को यह समझ है कि विकास के साथ बंगाल समान संस्कृति को साथ लेकर चलने वाला है। बंगाल के लोगों को दूसरे राज्यों में मारा जा रहा है, बेरोजगारी बढ़ी है, आर्थिक स्थिति चौपट हो रही है ऐसे में जनता को तृणमूल ही विकल्प नजर आ रही है।

Posted By: Preeti jha

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