कोलकाता, प्रेट्र। पश्चिम बंगाल की सीएम व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि गोरखा समुदाय के एक लाख लोगों को एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन ऑफ इंडिया) सूची से बाहर रखा गया है। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि सभी भारतीय भाइयों और बहनों को न्याय मिलना चाहिए। ममता ने कहा कि हम यह देखकर हैरान हैं कि एक लाख से अधिक गोरखा लोगों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं।

ममता ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के परिवार के सदस्यों सहित हजारों भारतीयों के नाम एनआरसी सूची से बाहर रखे गए हैं। इस सूची में शामिल करने के लिए कुल 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन किया था। उनमें से, 19,06,657 को बाहर रखा गया था। ममता ने कहा कि सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वास्तविक भारतीयों को छोड़ा नहीं जाता है और सभी वास्तविक भारतीय भाइयों और बहनों के साथ न्याय किया जाता है।

ममता बनर्जी ने ट्वीट कर केंद्र व भाजपा पर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर एनआरसी के नाम पर असम से बंगालियों को भगाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। साथ ही, कहा है कि केंद्र सरकार को उन 19 लाख लोगों की जिम्मेदारी लेनी होगी, जिन्हें एनआरसी की अंतिम सूची से बाहर रखा गया है। उधर, ममता बनर्जी ने शनिवार शाम ट्वीट कर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना शाधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन एनआरसी ने उनके चेहरे को बेनकाब कर दिया। उन्हें देश को जवाब देना होगा। देश और समाज की अवहेलना कर कदम उठाए जाने का यही नतीजा होता है।

ममता ने आगे कहा-'मुझे खास तौर पर बांग्लाभाषी भाई-बहनों के बारे में सोच कर बुरा लग रहा है, जिन्हें एनआरसी के कारण तकलीफ झेलनी पड़ रही है। दरअसल, असम सरकार में वित्तमंत्री हेमंत विश्वशर्मा ने कहा कि दिल्ली और असम सरकार विदेशियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए नए तरीकों पर चर्चा कर रही है। मुझे नहीं लगता कि यह अंतिम सूची है, अभी और भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है। इसी के बाद ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी है।

गौरतलब है कि ममता बनर्जी एनआरसी को लेकर लगातार केंद्र व असम की भाजपा सरकार की खिलाफत करती रही हैं। बीते साल जब एनआरसी की सूची जारी की गई थी, तब भी तृणमूल की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया था। पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल असम भी गया था। ये असम से बंगालियों को निकालने की साजिश बंगाल के शहरी विकास मंत्री व कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनआरसी की अंतिम सूची से बाहर रखे गए 19.07 लाख लोगों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका क्या भविष्य होगा? केंद्र सरकार को उनकी जिम्मेदारी लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि यह असम से बंगालियों को बाहर करने की साजिश है। सरकार इतनी असंवेदनशील कैसे हो सकती है? जो सालों से और कल तक यहां के नागरिक थे, आज उन्हें विदेशी कहा जा रहा है। उन्होंने कहा है कि है कि लोगों को उनके ही देश में बेघर कर दिया गया है

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Posted By: Sachin Mishra

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