पटना [जागरण टीम]। Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति (Makar Sankranti) विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के साल का पहला त्‍योहार (Festival) है। ऐसे में इस अवसर पर राजनीतिक दलों के भोज (Lunch by political parties) को सियासत की नजरों से देखा जाना कोई आश्‍चर्य की बात नहीं। विभिन्‍न दलों के बड़े नेताओं के इन भोजों के सियासी थाल में दही-चूड़ा की डिश खूब सजी।

सबसे बड़ा भोज जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह (Vashishtha Narayan Singh) के हार्डिंग रोड स्थित आवास पर पूर्वाह्न 10 बजे से शुरू हुआ। उसमें राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एकजुटता दिखी। भोज में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी सहित एनडीए के तमाम बड़े चेहरे दिखे। खास बात यह है कि भोज में राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक फराज फातमी ने भी शिरकत की। उधर, सदाकत आश्रम में आयोजित कांग्रेस के भोज में विपक्षी नेताओं का जमावड़ा रहा। दूसरी ओर इस भोज के लिए प्रसिद्ध रहे लालू आवास (Lalu Residence) पर सन्‍नाटा पसरा दिखा।

मकर संक्रांति पर हो रहे तीन-चार बड़े सियासी आयोजन

मकर संक्रांति के अवसर पर सियासी दही-चूड़ा भोज के तीन-चार बड़े आयोजन हुए। जेडीयू, कांग्रेस (Congress) के आयोजन के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान पार्षद (MLC) रजनीश (Rajnish) का भी दही-चूड़ा भोज चर्चा में रहा। इस साल लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से भोज का आयोजन नहीं किया गया। हालांकि, आरजेडी उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) ने एक दिन पहले 14 जनवरी को अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज दिया, लेकिन इसमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव का नहीं पहुंचना बड़ी बात रही।

वशिष्‍ठ नारायण सिंह के आवास पर दिखी एनडीए की एकजुटता

जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा आयोजित भोज में मुख्यमंत्री (CM) नीतीश कुमार (Nitish Kumar), उपमुख्यमंत्री (Dy.CM) सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) व राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न दलों के विधायक व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसमें विपक्षी आरजेडी के सदस्‍यों की मौजूदगी के राजनीतिक अर्थ भी निकाले जा रहे हैं।

भोज में मौजूद आरजेडी विधायक फराज फातमी ने इसमें किसी राजनीति से इनकार किया। हालांकि, उन्‍होंने तेजस्वी यादव की ‘पोल खोल यात्रा’ पर सवाल भी उठाए। उन्‍होंने एनआरसी और सीएए पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्टैंड का समर्थन किया तथा कहा कि अब तेजस्वी यादव को अपनी यात्रा पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्‍होंने सीएम की जल जीवन हरियाली यात्रा भी समर्थन किया।

भोज के लिए कई जिलों से 15 क्विंटल चूड़ा, 15 क्विंटल दही, 10 क्विंटल तिलकुट व गुड़-भूरा मंगाए गए। शाम में पहुंचने वाले अतिथियों के लिए खिचड़ी-चोखा का भी इंतजाम है।

कांग्रेस के भोज में महागठबंधन की जुटान 

विपक्षी महागठबंधन (Grand Alliance) की बात करें तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदनमोहन झा (Madan Mohan Jha) प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत (Sadaqat Ashram) आश्रम में भोज दिया। इसमें विपक्षी नेताओं की जुटान हुई। हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) सुप्रीमो जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi), राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) व विकासशील इनसान पार्टी (VIP) के अध्‍यक्ष मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) पहुंचे। आरजेडी की तरफ से तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) का आना भी चर्चा में रहा।

बीजेपी के रजनीश के भोज में भी जुटे एनडीए नेता

बीजेपी विधान पार्षद रजनीश ने अपने बेली रोड स्थित आवास पर दही-चूड़ा भोज दिया। भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के अलावा एनडीए के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा हुआ। भोज में बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल, सांसद ललन सिंह, मंत्री अशोक चौधरी, मंत्री नंद किशोर यादव, मंत्री मंगल पांडेय और विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी भी शामिल हुए।

लालू प्रसाद यादव का आवास रहा सुनसान 

लेकिन कभी मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज के लिए प्रसिद्ध रहा आरजेडी सुप्रीमो सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का आवास सुनसान नजर आया। लालू प्रसाद यादव के रहने पर यहां बड़े सियासी चेहरों की जुटान होती थी। आवास के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए जाते थे। लेकिन चारा घोटाला में लालू के जेल में होने के कारण उनकी गैर-हाजिरी में आरजेडी भोज का आयोजन नहीं किया गया। रामचंद्र पासवान (Ram Chandra Paswan) के असामयिक निधन के चलते एलजेपी ने भी यह आयोजन नहीं किया।

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