मुंबई, राज्य ब्यूरो। भाजपा की राष्ट्रीय सचिव एवं महाराष्ट्र की पूर्व विधायक पंकजा मुंडे ने प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना नेता बताते हुए कहा कि महाभारत में कौरवों की संख्या 100 थी और पांडव सिर्फ पांच थे। लेकिन पांडव जीते, क्योंकि उनके पास धैर्य था। माना जा रहा है कि कौरव-पांडव का उद्धरण देते हुए पंकजा ने देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधने की कोशिश की है।

पिछले सप्ताह हुए मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार में पंकजा की बहन एवं बीड से दूसरी बार सांसद बनी प्रीतम मुंडे के बजाय वंजारी समाज के ही ओबीसी नेता भागवत कराड को मंत्री बनाया गया है। इसे राज्य की राजनीति में मुंडे परिवार का कद छोटा करने की कोशिश माना जा रहा है। इससे नाराज स्थानीय निकायों में विभिन्न पदों के लिए चुने गए मुंडे समर्थक सौ से अधिक नेताओं ने अपना इस्तीफा देना शुरू कर दिया था।

मंगलवार सुबह अपने मुंबई आवास के बाहर जमा हुए इन्हीं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं भाजपा की राष्ट्रीय सचिव हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हमारे नेता हैं। हमें क्यों डरना चाहिए? प्रधानमंत्री ने कभी मेरा अपमान नहीं किया। मैं आत्मसम्मान के साथ राजनीति करती हूं।

इसी कड़ी में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए पंकजा ने कहा कि यह सच है कि मुझे खत्म करने की कोशिश की गई। लेकिन देखो, मैं यहां खड़ी हूं। मैं खत्म नहीं हुई हूं। मैं किसी से नहीं डरती। मैं स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे की विरासत को आगे ले जा रही हूं। जिन्होंने कभी सत्ता और पद के लिए राजनीति नहीं की। उन्होंने हमेशा वंचितों को आगे बढ़ाया। मैं विधायक, सांसद और मंत्री बनने के लिए राजनीति नहीं करती। यह मुंडे संस्कृति नहीं है। न ही हम दबाव की राजनीति करते हैं।

पंकजा ने यह कहते हुए अपने समर्थकों का इस्तीफा नामंजूर कर दिया कि भाजपा मेरा घर है। मैं इसे कभी नहीं छोड़ूंगी। आप लोग भी विरोधियों के हाथों में मत खेलिए। बता दें कि देवेंद्र फडणवीस मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास मंत्री रहीं पंकजा मुंडे 2019 का विधानसभा चुनाव अपने ही चचेरे भाई धनंजय मुंडे से हार गई थीं। इस हार के बाद वह कई बार कह चुकी हैं कि उन्हें हराने में प्रदेश भाजपा के ही एक वर्ग की बड़ी भूमिका रही है।

Edited By: Arun Kumar Singh