मुंबई, एजेंसियां। Devendra Fadnavis Resigns : शुक्रवार को देवेंद्र फडणवीस के सीएम पद से इस्‍तीफे के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस के बाद शिवसेना और उद्धव ठाकरे पर करारा हमला बोला। उन्‍होंने फडणवीस के एक-एक आरोपों का जवाब दिया। इससे लगता है कि भाजपा और शिवसेना एक दूसरे के खिलाफ खुलकर आ गए हैं।

 महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुक्रवार को राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यरी से मिलने पहुंचे। उन्‍होंने राज्‍यपाल को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया। विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को पूरा हो गया। अब राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन के आसार हैं।

पांच साल में सरकार ने काफी विकास किया

इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्‍होंने अब तक की सहयोगी पार्टी शिवसेना पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि कि मैंने राज्‍यपाल को इस्‍तीफा सौंप दिया है और राज्‍यपाल ने मेरा इस्‍तीफा स्‍वीकार कर लिया है। मैं महाराष्‍ट्र की जनता का बड़ा आभारी मानता हूं। साथ ही, सभी सहयोगी पार्टियों का भी आभारी हूं। मैं पीएम मोदी, भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह का आभारी मानता हूं, जिन्‍होंने मुझ पर विश्‍वास किया। विरोधी राजनीतिक दल भी हमारा दुश्‍मन नहीं हैं, उनका भी आभार।

पांच साल में राज्‍य सरकार ने काफी विकास किया। प्रदेश में जहां सड़कें नहीं थी, वहां बनाई गई। राज्‍य में पारर्दिशता के साथ सरकार चलाने की कोशिश की। यही कारण है कि चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। राज्‍य में भाजपा का स्‍ट्राइक रेट 70 फीसदी रहा। यहां महायुति को सरकार बनाने का बहुमत मिला। राज्‍य में सरकार बनाने के लिए सभी विकल्‍प खुले हुए हैं।

नहीं किया ढाई-ढाई साल के सीएम पद का कोई वादा

उन्‍होंने कहा कि भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ बैठक में सीएम पद के लिए ढाई-ढाई साल के कार्यकाल पर कोई वादा नहीं किया। अमित शाह ने भी इसका मुझसे खंडन किया। मेरे सामने भी कभी ढाई-ढाई साल के कार्यकाल पर कोई चर्चा नहीं हुई। उद्धव ठाकरे ने पहले सरकार बनाने की बात की थी। नतीजे आते ही मैंने उद्धव और शिवसेना को शुक्रिया कहा था। उसके बाद भी हमने उन्हें फोन किया। मैं राज्य मुख्यमंत्री हूं। एक पार्टी का नेता हूं। इसके बावजूद उन्होंने न तो मेरा फोन उठाया, न ही पलटकर फोन किया। इस प्रकार तो सरकार नहीं बन सकती। फड़नवीस के अनुसार उद्धव ठाकरे के उक्त बयान से पता चलता है कि शायद वह पहले दिन से ही विपक्ष के साथ मिलकर सरकार बनाने का मन बना चुके थे।

बेवजह की बयानबाजी कर रहे शिवसैनिक

उन्‍होंने कहा कि हमने उद्धव के खिलाफ एक भी विरोधी बयान नहीं दिया। बातचीत कर कोई भी विवाद सुलझाया जा सकता है। ढाई साल का मुख्‍यमंत्री फॉर्मूला शिवसेना के लिए सिर्फ बहाना है। चुनाव के नतीजे आने के बाद पिछले 10-12 दिनों में उद्धव ठाकरे के करीबी लोगों ने लगातार बेवजह की बयानबाजी कर रहे हैं। उनके बयानों से लगता है कि वे हमारे साथ कोई रिश्‍ता नहीं रखना चाहते हैं। नतीजे आते ही उद्धव का यह कहना कि मुख्‍यमंत्री बनाने के लिए हमारे सभी विकल्‍प खुले हुए हैं, हमारे लिए झटका था।

सरकार को लेकर बातचीत मीडिया के जरिए नहीं हो सकती

फडणवीस ने कहा कि सरकार में साथ रहने के बावजूद शिवसेना लगातार गलत बोलती रही। मोदी जी के बारे में शिवसेना ने ऐसे बयान दिए, ऐसे बयान तो विरेाधी भी नहीं देते। दिन में तीन बार वे कांग्रेस और एनसीपी से बातचीत करते हैं, लेकिन गठबंधन में हमसे एक बार भी बात नहीं करते । वे जो भी बातचीत करते हैं, वे मीडिया के जरिए करते हैं। सरकार बनाने को लेकर बातचीत मीडिया के जरिए नहीं हो सकती। शिवसेना सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-एनसीपी से बातचीत कर रही थी तो बातचीत के लिए अमित शाह कैसे यहां आते।

शिवसेना बोली, चाहे तो सरकार बना सकते हैं

इसका जवाब देते हुए शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि हमने कभी व्‍यक्तिगत बयानबाजी नहीं की। यहां तक कि पीएम मोदी और फडणवीस के खिलाफ कभी व्‍यक्तिगत बयानबाजी नहीं की। शिवसेना की वजह से बातचीत नहीं रुकी। लोकतंत्र में जिसके पास बहुमत होगा वो सरकार बनाएगा। हम चाहें तो सरकार बना सकते हैं।

 

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