जयपुर, मनीष गोधा। राजस्थान में इस बार लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के अभियान की कमान पूरी तरह राष्ट्रीय नेतृत्व के हाथ में दिख रही है। पार्टी के लोकसभा चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर और सह प्रभारी सुधांशु त्रिवेदी लगभग दो माह से लगातार राजस्थान में बने हुए हैं। प्रदेश नेतृत्व के पास इस चुनाव में मुख्य तौर पर कार्यक्रमों को लागू करने का काम रह गया है।

राजस्थान में दिसंबर में ही विधानसभा चुनाव हुए थे और उस समय चूंकि राजस्थान में पार्टी की सरकार थी, इसलिए प्रदेश नेतृत्व भी कुछ हद तक प्रभावी भूमिका में दिख रहा था। चुनाव के लिए प्रदेश चुनाव संचालन समिति बनाई गई थी। अन्य समितियों का गठन भी किया गया था और टिकट वितरण में भी पार्टी की कोर कमेटी की प्रभावी भूमिका थी। इसकी दो-तीन बैठकें भी हुई थीं।

हालांकि उस दौरान केंद्रीय नेतृत्व ने प्रभारियों की नियुक्ति की थी और जावड़ेकर ही उस समय यहां के प्रभारी भी थे, लेकिन उनका काम चुनाव अभियान की मॉनिटरिंग तक ही सीमित था। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश नेतृत्व ने चुनाव अभियान की कमान संभाली हुई थी।

जावड़ेकर मुख्य भूमिका में

अब लोकसभा चुनाव में प्रबंधन का पूरा काम और निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व करता दिख रहा है। चुनाव से दो माह पहले ही राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पार्टी संगठन और इसके सभी अग्रिम संगठनों जैसे युवा मोर्चा, महिला मोर्चा व अन्य प्रकोष्ठों आदि के लिए मार्च मध्य तक के कार्यक्रम तय होकर आ गए थे। स्थानीय इकाई का काम सिर्फ इन अभियानों को प्रभावी ढंग से आयोजित करवाना था।

इसी तरह चुनाव संबंधी अन्य निर्णयों में भी राष्ट्रीय नेतृत्व ने ही पूरी कमान संभाली हुई है। जावड़ेकर और त्रिवेदी दोनों पिछले दो माह से राजस्थान में ही प्रवास कर रहे हैं और अब तक लगभग पूरे राज्य का दौरा कर चुके हैं। इनकी सहायता के लिए पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और लंबे समय से राजस्थान के प्रभारी अविनाश राय खन्नाा हैं। एक तरह से चुनाव की पूरी कमान इन्हीं तीन नेताओं के हाथ में है। इनमें भी मुख्य भूमिका में प्रकाश जावड़ेकर ही दिख रहे हैं।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल के साथ गठबंधन की बात हो या गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला को पार्टी में शामिल कराने का मामला। दोनों में ही प्रकाश जावड़ेकर अहम भूमिका में नजर आए। इसी तरह टिकट वितरण के समय भी प्रदेश के नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के बीच सहमति बनाने में उनकी भूमिका अहम रही है। वहीं सुधांशु त्रिवेदी राज्य भर में संगठन की बैठकें करने के साथ ही मीडिया को संभाल रहे हैं। अविनाश राय खन्नाा का मुख्य काम संगठन को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखना है। वे चूंकि लंबे समय से राजस्थान में प्रभारी हैं, इसलिए सभी जिलों में संगठन से अच्छी तरह परिचित हैं।  

Posted By: Preeti jha

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