पटना [जेएनएन]। एक वक्‍त था जब राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का 'लालू राज' चलता था। उनकी कही बातों का असर होता था और लोग सिर नवाते थे। लेकिन आज लालू परिवार (Lalu Family) की वह पहले वाली स्थिति नहीं रही। घर के अंदर की खबरें भी सड़क पर आ गईं हैं। ताजा मामला बहू ऐश्‍वर्या राय (Aishwarya Rai) को घर से निकालने के बाद हुए हाई वोल्‍टेज ड्रामा का है। इस दौरान ऐश्‍वर्या ने पहली बार मुंह खोला तो सुनने वाले अवाक रह गए।

आरंभ से अंत तक ऐसा रहा लालू का शासन

लालू जब राजनीति में उतरे थे तो राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने घर और परिवार की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ले ली थी। बाद में जब चारा घोटाला के मामले में जेल गए तो उन्‍होंने बिहार की सत्‍ता की जिम्मेदारी पत्नी राबड़ी के कंधे पर सौंप दी थी। लालू-राबड़ी के इस शासन का अंत 2005 में तब हुआ था, जब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बिहार में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनाई। इसके एक दशक बाद लालू की पार्टी फिर सत्‍ता में लौटी। नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन (Grand Alliance) की सरकार में लालू के बेटे तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) उपमुख्‍यमंत्री तो तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बने। लेकिन यह गठबंधन टूट गया। नीतीश कुमार ने फिर एनडीए का दामन थाम अपनी सरकार बना ली।

चारा घोटाला के बाद नई मुसीबत बनी बेटे की शादी

फिर चारा घोटाला (Fodder Scam) के मामलों में सजा पाकर लालू जेल चले गए। इसी बीच उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री दारोगा प्रसाद राय (Daroga Prasad Rai) की पोती व आरजेडी विधायक चंद्रिका राय (Chandrika Rai) की बेटी ऐश्‍वर्या राय से हुई। लेकिन यह शादी लालू परिवार के लिए नई मुसीबत बनकर समाने आई। तेज प्रताप यादव ने शादी के छह महीने बाद ही तलाक (Divorce) का मुकदमा कर दिया। उधर, ऐश्‍वर्या ने ससुराल में ही रहते हुए तलाक का मुकदमा लड़ने का फैसला किया। बाहर से ऐसा लगता रहा कि लालू परिवार में ऐश्‍वर्या को कोई पेरशानी नहीं, लेकिन हाल के हाई वोल्‍टेज ड्रामा ने इसपर से पर्दा हटा दिया।

लालू की बहू ने लगाया राबड़ी-मीसा पर गंभीर आरोप

शनिवार को राबड़ी देवी के सरकारी आवास से निकलीं ऐश्‍वर्या ने राबड़ी देवी पर प्रताड़ित करने और खाना बंद करने का आरोप लगाया।  उन्‍होंने सास राबड़ी देवी के साथ ननद मीसा भारती (Misa Bharti) पर भी प्रताड़ना का आरोप लगाकर आपसी रिश्ते की पोल खोल दी। यह भी कहा कि राबड़ी देवी ने उन्‍हें घर से निकाल दिया है।

बाद में राबड़ी देवी ने ऐश्‍वर्या के लिए दरवाजे बंद कर लिए तो वे माता-पिता के साथ वहीं धरना पर बैठ गईं। यह फैमिली ड्रामा 12 घंटे तक चला। इसके बाद राबड़ी देवी ऐश्‍वर्या को घर में एंट्री देनी पड़ी।

 

ऐश्वर्या ने राबड़ी और मीसा भारती पर प्रताड़ना के आरोप लगाए तथा कहा कि वे उन्‍हें घर से निकालना चाहतीं हैं। ननद मीसा को लेकर कहा कि वे नहीं चाहतीं कि उनका घर बसे। यह भी नहीं चाहतीं कि दोनों भाई (तेज प्रताप और तेजस्वी) साथ रहें, ताकि उनका राज कायम रहे।

लालू-तेजस्वी की ऐश्वर्या ने की थी तारीफ

वहीं, ससुर लालू यादव के बारे में ऐश्वर्या ने कहा कि वे चीजों को ठीक कर सकते हैं पर यहां हैं नहीं। हम चाहते हैं कि वह आ जाएं, ताकि मिल बैठककर बात हो सके और सबकुछ ठीक हो जाए। देवर तेजस्वी के व्यवहार के बारे में पूछे जाने पर ऐश्वर्या ने कहा कि उन्होंने काफी मदद की है पर आज जो हुआ, उनको शायद इसका पता नहीं है। 

लालू की बहू का गुस्सा पहुंचा डीजीपी तक 

बता दें कि ऐश्वर्या के मोबाइल से फोटो लेने और वीडियो बनाने के मुद्दे पर लालू परिवार में रविवार दोपहर से ही महाभारत शुरू हो गया था, जो थाना से होते हुए देर रात डीजीपी के दरबार तक पहुंच गया। राबड़ी देवी अपनी बहू को दोबारा अपने आवास में आने देने के लिए तैयार नहीं थीं।

ऐश्वर्या और उनके मायके वाले जिद पर अड़े थे कि वे अपने पति के घर को नहीं छोड़ेंगी। पुलिस के सामने हुए करार के मुताबिक, ऐश्वर्या अब अपनी सास राबड़ी देवी के सरकारी आवास में रहकर ही अपने पति तेज प्रताप यादव के खिलाफ तलाक की कानूनी अड़चनों से निपटेंगी। 

कुछ दिनों पहले राबड़ी आवास से रोती निकलीं थीं ऐश्वर्या

कुछ दिन पहले ही एक वीडियो वायरल हआ था जिसमें ऐश्वर्या राबड़ी देवी के घर से रोते हुए निकलती दिखाई दीं थीं, लेकिन तब दोनों परिवार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। दिल्ली के मिरांडा हाउस से पढ़ी-लिखीं ऐश्वर्या बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय की पौत्री हैं। उनके पिता चंद्रिका राय आरजेडी विधायक हैं। 

लालू ने कहा था- ऐसी बहू चाहिए जो सास से ना लड़े

बता दें कि तेज प्रताप की शादी के पहले लालू ने कहा था कि हमें ऐसी बहू चाहिए जो सास से न लड़े। साथ ही, पत्नी राबड़ी की पढ़ी-लिखी और संस्कारी बहू की शर्त को भी सही ठहराते हुए उन्होंने कहा था कि वो एकदम ठीक कहती हैं।

लालू यादव ने तब ये भी कहा था कि वे और राबड़ी दोनों बुजुर्ग हो गए हैं, उन्हें ऐसी बहू चाहिए जो संस्कार वाली हो घर को अच्छे से चलाए। लालू ने कहा था कि हम तो बेटों का अरेंज मैरिज करना चाहते हैं। साथ ही, इस बात पर भी जोर दिया कि सबसे ज्यादा यह जरूरी है कि लड़का-लड़की एक-दूसरे को पसंद हों।

राबड़ी की ही पसंद थीं ऐश्वर्या

ऐश्वर्या को राबड़ी ने खुद ही अपने बड़ी बहू के रूप में पसंद किया था और लालू प्रसाद ने होने वाली बहू ऐश्वर्या राय से खुद फोन पर बात कर उसे सौभाग्यशाली बताया था और कहा था कि  तुम्हारे घर में पैर पड़ते ही सबकुछ ठीक होने लगा है। हालांकि, शादी के छह महीने बाद ही बेटे तेजप्रताप की जिद के कारण उनके तमाम सपने चकनाचूर हो गए हैं।

तेज प्रताप ने शादी के छह महीने में ही दी तलाक की अर्जी

तेज प्रताप यादव ने अपनी शादी के छह महीने के अंदर ही दो नवंबर को पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में अर्जी दायर कर दी थी। तेज प्रताप यादव ने ऐश्वर्या पर कई गंभीर आरोप लगाए। दोनों के तलाक का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

तेजस्वी ने कही थी ये बात

तेज प्रताप की जिद और उनकी परिवार से बनाई गई दूरी को देखकर लालू परिवार भी अब यह मान चुका है कि तेज प्रताप सुलह की कोई गुंजाइश नहीं रहने देना चाहते। तेजस्वी ने भी कहा कि दोनों बालिग हैं और वे फैसला लेने में सक्षम हैं। इसलिए इसे कोर्ट को ही निपटाने दिया जाए।

तेज प्रताप के पक्ष में खड़ा परिवार 

तेज प्रताप के तलाक के फैसले पर उनके परिवार ने उस वक्त कड़ी आपत्ति जताई थी और अपने आपको सभी ने ऐश्वर्या के पक्ष में खड़ा दिखाया था। हालांकि, ऐश्वर्या के आरोपों के बाद  यही लगता है कि सभी तेज प्रताप से सहमत हैं।

बहुत समझाने के बाद राबड़ी ने दी ऐश्वर्या को घर में एंट्री

ऐश्वर्या राय और उनके परिवार के भारी दबाव और कथित तौर पर लालू प्रसाद यादव के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार राबड़ी देवी ने बहू के लिए देर रात अपने सरकारी आवास का दरवाजा खोल दिया। समझौते के बाद सचिवालय थाने में दी गई शिकायत को ऐश्वर्या ने वापस ले लिया।

कहा - लालू के समधी ने 

ऐश्वर्या राय के पिता चंद्रिका राय और पूर्णिमा राय समेत मायके के सभी लोग ऐश्वर्या को ससुराल में ही छोड़कर अपने घर लौट गए थे। चंद्रिका ने कहा कि वह लालू परिवार को तंग करने या जेल भेजने की नीयत से धरना पर नहीं बैठे थे। बल्कि, अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए अड़े थे। बेटी को ससुराल में प्रवेश मिल गया तो मेरी भूमिका खत्म हो गई।

Posted By: Kajal Kumari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस