जयपुर, जागरण संवाददाता। Kota District Chief Gurjar Arrested. राजस्थान में पंचायत चुनाव की चल रही प्रक्रिया के बीच ही राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कोटा के जिला प्रमुख सुरेंद्र गुर्जर को रिश्वत के एक मामले में गिरफ्तार किया है। एसीबी ने गोचर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे चार फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिला प्रमुख की गिरफ्तारी की सूचना के तत्काल बाद कांग्रेस ने उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों कोटा के कालिया खेड़ी गांव के सरपंच ने एसीबी में शिकायत की थी कि निर्माण कार्यों की स्वीकृति जारी करने के लिए जिला परिषद में तैनात जिला प्रमुख का पीए चंद्रप्रकाश गुप्ता 25 हजार रुपये मांग रहा है। इस शिकायत का सत्यापन कराया गया तो सही पाई गई। इस पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए जिला प्रमुख के निजी सहायक चंद्रप्रकाश गुप्ता को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। इस प्रकरण में शामिल दूसरा बाबू कमलकांत वैष्णव मौके से फरार हो गया था।

एसीबी की टीम ने बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में इस प्रकरण में जिला प्रमुख सुरेंद्र गोचर की संलिप्तता सामने आई। एसीबी ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद जिला प्रमुख सुरेंद्र गुर्जर को भी आरोपित बनाया था। मामले की जांच कर रहे ज्ञानचंद ने बताया कि रिश्वत के इस खेल में जिला प्रमुख की भूमिका सामने आने के बाद गुरुवार को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूर्व मंत्री ने पायलट को लिखा था पत्र

जिला प्रमुख सुरेंद्र गुर्जर पूर्व मंत्री भरत सिंह के समर्थक माने जाते हैं। सुरेंद्र गुर्जर को जिला प्रमुख बनाने में सिंह का काफी सहयोग रहा था, लेकिन जैसे ही जिला प्रमुख के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया तो पूर्व मंत्री भरत सिंह ने गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को पत्र लिखकर जिला प्रमुख को पद और पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की थी। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक भरत सिंह बयान जारी कर कहा कि ऐसे लोगों को कांग्रेस पार्टी में नहीं रखा जाना चाहिए। गिरफ्तारी के बाद गुर्जर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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