जम्मू, राज्य ब्यूरो। बिजली संकट से निपटने के उपायों के तहत उप राज्यपाल जीसी मुर्मू ने केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के सभी सरकारी भवनों की छतों पर सोलर लाइट सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक में उन्होंने पूरे प्रदेश में शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड और स्मार्ट मीटर लगाने के लक्ष्य को मार्च 2021 तक पूरा करने की अंतिम समय सीमा तय कर दी है।

नागरिक सचिवालय में एसएसी की बैठक में प्रदेश में बिजली ढांचे की मौजूदा स्थिति को बेहतर बनाने और बिजली संकट से निपटने के विभिन्न उपायों पर विचार विमर्श हुआ। उप राज्यपाल ने सात नवंबर को भीषण हिमपात से वादी में बिजली ढांचे को पहुंची क्षति का संज्ञान लिया है। उन्होंने 220 केवी और 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के सभी टावरों का सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि भविष्य में टॉवरों को क्षति न पहुंचे, इसलिए आगामी सर्दी से पहले ही सभी आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए। करीब दो घंटे हुई बैठक में उप राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम और उप राज्यपाल के प्रधान सचिव बिपुल पाठक मौजूद रहे। उपभोक्ताओं को मांग से कम उपलब्ध हो रही। बिजली बिजली विभाग के सचिवायुक्त ने बताया कि जम्मू संभाग में हर साल औसतन 938 मेगावाट बिजली की मांग है जबकि बिजली विभाग सिर्फ 819 मेगावाट ही दे रहा है।

कश्मीर में प्रतिबंधित सीमा के तहत 1328 मेगावाट बिजली चाहिए, लेकिन 1140 मेगावाट ही दी जा रही है। जम्मू में अप्रतिबंधित तौर पर 1024 और कश्मीर में 1490 मेगावाट बिजली चाहिए। उन्होंने बताया कि हिमपात में बांडीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा और शोपियां में बिजली ढांचे को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और बडगाम में क्षति पहुंची है।

सचिवायुक्त ने बताया कि फरवरी 2020 तक 220 केवी के जैनकोट-आलस्टेंग ट्रांसमिशन लाइन को पूरी तरह बहाल किए जाने की उम्मीद है। इससे कश्मीर में 320 केवी अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी जिससे बिजली कटौती में बहुत हद तक कमी आएगी।

सभी पंचायतों में लगेगी शिकायत पेटी

केंद्र शासित जम्मू कश्मीर राज्य की प्रत्येक पंचायत में अब शिकायत पेटी होगी, ताकि लोग अपनी शिकायतों और मुददों को दर्ज कराते हुए उन्हें सरकार के संज्ञान में ला सकें। शिकायत पेटियों को लगाने का निर्देश मंगलवार को उप राज्यपाल ने एसएसी की बैठक में जन शिकायत निवारण व्यवस्था और संबंधित प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए दिया। बैठक में योजना विकास एवं निगरानी और शिकायत विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने शिकायतों और मुददों को दर्ज करने, उन्हें हल करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। 

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