कोलकाता, जागरण संवाददाता। Aishi Ghosh. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष को महानगर के विख्यात कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) कैंपस में सभा करने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने विवि कैंपस के गेट के बाहर ही सभा की। इस दौरान उन्होंने आरएसएस और भाजपा की कड़ी आलोचना की और लोगों ने आरएसएस-भाजपा की आंख में आंख डाल कर उनकी राजनीति स्वीकार्य नहीं करने का आह्वान किया। ललकारते हुए बंगाल में भाजपा को धर्म और जाति के नाम पर लोगों को विभाजित करने वाली राजनीति करने नहीं देने की चुनौती भी दी। लगे हाथ आरएसएस-भाजपा के खिलाफ संयुक्त आंदोलन करने की अपील भी की।

गुरुवार को कॉलेज स्क्वायर से नागरिक मंच के बैनर तले शुरू हुई रैली में छात्र-छात्राओं के अलावा राजनीतिक विद और कई बुद्धिजीवी भी नजर आए। हालांकि रैली विभिन्न रास्ते से होते हुए कलकत्ता विश्वविद्यालय (विवि) के पास पहुंची, पर उससे पहले ही प्रबंधन ने मुख्य गेट बंद करवा दिया। इस पर आइशी और उसके साथी कलकत्ता विवि के गेट के सामने ही खड़े हो गए। वहीं सभा भी आयोजित की गई, जहां कन्हैया कुमार से लेकर जेएनयू, यादवपुर व अन्य के नाम का उल्लेख करते हुए 'आजादी' के नारे भी लगे।

कहा, केंद्र सरकार की जन विरोधी क्रियाकलापों और भाजपा के धर्म के नाम पर विभाजित करने वाली नीतियों के खिलाफ शुरू हुए जन आंदोलन को देख भाजपा भयभीत हो उठी है। भाजपा-आरएसएस की आंख में आंख मिला कर उनकी राजनीति और नीतियों को नहीं मानने की खुली घोषणा करने का यही सही समय है। आइशी ने कहा, नागरिक संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को रद नहीं किए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कहा, भाजपा सरकार पिछले कुछ महीने में हमारे संविधान से लगातार खिलवाड़ और छेड़छाड़ कर रही है। जाति-धर्म के नाम पर लोगों को विभाजित करने की कोशिश कर रही है। कवि गुरू रवींद्रनाथ और काजी नजरूल की धरती पर दंगा फैलाने की कोशिश कर रही है। धर्म के नाम पर बंगाल विभाजन का षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिसे कभी कामयाब होने नहीं देंगे।

विवि परिसर में सभा करने की अनुमति नहीं मिलने पर हंगामा

इस दिन आइशी घोष की अगुवाई में बिना किसी राजनीतिक झंडे के रैली निकाली गई। वे लोग कलकत्ता विवि में सभा करना चाहते थे, लेकिन प्रबंधन से इसकी इजाजत नहीं दी। इसे लेकर विवि के मुख्य गेट के पास काफी हंगामा भी हुआ। आईसी ने कहा, भाजपा-आरएसएस के खिलाफ सभी को एकजुट होकर आंदोलन करने की जरूरत है। इस अभियान में बाधा पहुंचाने के बजाय सहयोग करनी होगी। उसने यह भी कहा कि लड़ाई लंबी है। कुछ रुकावटें भी आएंगी, लेकिन वो हारने वालों में से नहीं है।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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