पटना [जेएनएन]। महाराष्ट्र में राष्‍ट्रपति शासन हटाकर वहां भारजीय जनता पार्टी की सरकार की स्‍थापना के बहाने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं चेतते हैं तो उनका भी महाराष्ट्र जैसा ही हाल होगा। नीतीश कुमार को अब यह बात समझ में आनी चाहिए कि बीजेपी उन्हें किस तरह हटाना चाहती है।

महाराष्‍ट्र का जिक्र कर किया सचेत

विदित हाे कि बीते शनिवार की सुबह महाराष्ट्र में बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता व पार्टी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसके पहले राज्‍य में 12 नवंबर से लागू राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया। महाराष्‍ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद शुक्रवार की रात तक शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की सरकार को लेकर अटकलें लगाई जा रहीं थीं। लेकिन शनिवार की सुबह तक बीजेपी ने पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह के नेतृत्‍व में अपना मास्‍टर स्‍ट्राेक खेल दिया। जीनतराम मांझी ने इसी का जिक्र करते हुए नीतीश कुमार को सचेत किया।

नीतीश का बीजेपी से कई मुद्दों पर मतभेद

मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार का बीजेपी से कई अहम मुद्दों पर मतभेद है। इसके बावजूद वे बीजेपी के साथ हैं। बीजेपी अपने मुद्दों से समझौता करती नहीं दिख रही। ऐसे में नीतीश कुमार को अभी भी संभल जाना चाहिए। अगर वे नहीं संभले तो यहां भी उनकी हालत महाराष्ट्र जैसी ही होगी।

यह राजनीति में महागिरावट का उदाहरण

जीतनराम मांझी ने कहा कि यह राजनीति में महागिरावट का उदाहरण है। ऐसे हालात पहले कभी नहीं रहे। बीजेपी का ध्‍येय हर हाल में सरकार बनाना है। बिहार में भी यही हुआ था। इस बार महाराष्ट्र में ऐसी ही राजनीति हुई है। यहां डर की राजनीति की गई है। एनसीपी के नेता अगर बीजेपी को समर्थन नहीं देते तो उनके खिलाफ मुकदमों में कार्रवाई हो सकती थी।

Posted By: Amit Alok

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