रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News विधायक इरफान अंसारी ने कहा है कि झारखंड में यूपी माडल नहीं चलेगा। वे खूंटी में छापा मारने गई पुलिस के तौर तरीके से नाराज हैं। उल्लेखनीय है कि इस दौरान आरोपित के पिता का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इरफान का कहना है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो समाज कहां जाए। खूंटी एसपी सहित दोषी पुलिस वालों पर 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज हो। जिस प्रकार खूंटी पुलिस प्रतिबंधित मांस बिक्री का आरोप लगाकर इजहार अंसारी को गिरफ्तार करने के लिए रात के 12 बजे घर के दरवाजे को तोड़कर महिलायें, बच्चे एवं बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार, गाली गलौज एवं धक्का मुक्की करती है, धक्का मुक्की कर बुजुर्ग पिता को मार दिया जाता है, ये सरासर गलत है जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

सीएम हेमंत सोरेन इसपर लें संज्ञान, दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई

विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री इसपर संज्ञान लें और खूंटी एसपी सहित दोषी पुलिस वालों पर 302 के तहत हत्या का मुक़दमा दर्ज हो। मुख्यमंत्री कठोर से कठोर कारवाई करें जिससे इस समाज का पुलिस और सरकार पर भरोसा हो।

उन्होंने कहा कि इजहार को थाना बुलाकर दिन के समय कानूनी कारवाई की जा सकती थी। लेकिन अल्पसंख्यक होने के कारण आतंकवादियों की तरह व्यवहार किया गया, जो न्यायसंगत नहीं है।

लोगों में काफी असंतोष

विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में उत्तरप्रदेश माडल पर पुलिस काम नहीं करें, डीजीपी से लोगों को उम्मीद है कि अपने पुलिस महकमे को नियंत्रण में रखें। इस घटना से लोगों काफी असंतोष है। खासकर अल्पसंख्यक समाज में।

क्या इस समाज में अल्पसंख्यक होना गुनाह है, उठाया सवाल

विधायक इरफान अंसारी ने सवाल उठाया कि क्या इस समाज में गरीब होना पाप है? हमेशा देखा जाता है कि इस समाज के लोगों को गोली मार दी जाती है और बाद में केस तक बंद कर दिया जाता है। क्या इस राज्य में अल्पसंख्यक होना गुनाह है?

खूंटी: क्या है पूरा घटनाक्रम

झारखंड के खूंटी जिला के तोरपा थाना क्षेत्र के रोड़ो गांव में प्रतिबंधित मांस का कारोबार करने के फरार आरोपित की गिरफ्तारी करने गई पुलिस की आवाज सुनकर आरोपित के बुजुर्ग पिता की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार की रात एक बजे से पुलिस को बंधक बनाये रखा। वहीं शव को उठाने से भी ग्रामिण मना कर रहे थे।

मामले की जानकारी मिलने के बाद वरीय पुलिस अधिकारी रोड़ो गांव पहुचें और ग्रामीणों को समझा कर बुझा कर शव को रविवार की सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया। जहां अंचलाधिकारी सच्चिदानंद वर्मा के देखरेख में स्थानीय कब्रिस्तान में मिट्टी दी गई।

इधर ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस दरवाजो को तोड़कर घर में घुसी और गाली गलौज करने लगी। उनका आरोप है कि पुलिस की धक्का-मुक्की से कल्लू के पिता 75 वर्षीय मोहम्मद निजामुद्दीन की मौत हो गई। इस घटना के बाद रविवार को गांव में मातम पसरा रहा। घटना के बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण रहा। माहौल खराब न हो, इसको लेकर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

वहीं इस मामले को लेकर एसपी अमन कुमार ने कहा कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी प्रतिबंधित मांस का कारोबार करने वाला फरार आरोपित रोड़ो गांव के अपने घर में था। सूचना पाकर आरोपित को पकड़ने गया था। इसी दौरान आरोपित के पिता की मौत हो जाने की बात सामने आई है। आरोपित के पिता की मौत कैसे हुई, इस पूरे मामले की जांच कराने के बाद ही बात ही स्पष्ट हो पाएगी।

Edited By: Sanjay Kumar

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