लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के संरक्षक तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का 81वां जन्मदिन शुक्रवार को प्रदेश के हर जिले में मनाया गया। मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा वरिष्ठ नेताओं के साथ सपा के दफ्तर में 81 किलोग्राम वजन का लड्डू रूपी केक काटा। जन्मदिन को बेहद भव्य तरीके से मनाने को लेकर खफा मुलायम सिंह यादव लोगों के काफी मनाने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। समाजवादी पार्टी के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने नौजवानों का पार्टी सौंपने का आह्वान करते हुए न्याय का साथ देने और अन्याय के खिलाफ लडऩे पर बल दिया।

उत्साहित युवाओं को देखकर मुलायम ने अपने संबोधन में मिशन-2022 जीतने का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों का जन्मदिन मनाकर उनके दिल में जगह बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अपने गांव में किसी गरीब का जन्मदिन मनाएं तब ही समझेंगे कि उनका जन्मदिन मनाने का उद्देश्य सफल हुआ। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि बुंदेलखंड में एक महिला ने संगठन बनाया था, उसने गरीब को त्योहार मनाने में मदद की थी। बाद में उसने सपा को वोट दिलाने में काफी सहयोग भी किया।

मुलायम ने कहा कि जब किसी गरीब का जन्मदिन मनाएं तो उनको भी आमंत्रित करें, वह जरूर शिरकत करेंगे। दिली इच्छा बताते हुए उन्होंने कहा कि बाकी कार्यकर्ता भी मुलायम सिंह बनें ताकि उनका भी सम्मान हो। उन्होंने कहा कि जो नौजवान उनसे मिलना चाहते हैं तो वह मिलें। वह उन्हें बताएंगे कि आगे कैसे बढऩा है।

मुलायम सिंह यादव ने अपने 81वें जन्मदिन पर पूर्व राज्यसभा सदस्य उदय प्रताप सिंह के साथ केक काटा। इस मौके पर उनके साथ विधान परिषद में पार्टी के नेता अहमद हसन की मौजूद थे।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के 81वें जन्मदिन को लेकर शहर भर में बधाई संदेश देते हुए पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। सपा व प्रसपा दोनों ही पार्टियां मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन को खास बनाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं।

बुजुर्ग कार्यकर्ताओं से मिलकर भावुक हो गए मुलायम

जन्मदिन पर मुलायम पुराने बुजुर्ग कार्यकर्ताओं से भी मिले और हालचाल लिया। इटावा व कन्नौज से आने वालों की संख्या अच्छी खासी थी। कन्नौज से आए 75 वर्षीय रामशरण शर्मा के गले में हाथ डालकर खड़े हुए तो बेहद भावुक हो गए।

जब बढऩे लगी बेचैनी

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करीब 12 बजे कार्यालय पहुंच गए थे। जब मुलायम सिंह के आने में देरी हुई तो नरेश उत्तम और नारद राय को नेताजी के आवास पर भेजा गया। देरी से कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ी कि कहीं नेताजी स्वास्थ्य कारणों से टालमटोल न कर दें। करीब दो बजे नेताजी कार्यालय पहुंचे तो कार्यकर्ताओं को तसल्ली हुई।  इस अवसर पर अहमद हसन, इंद्रजीत सरोज, धर्मेंद्र यादव, अरविंद सिंह गोप, आनंद भदौरिया, सुनील साजन व मनीष सिंह भी उपस्थित थे। अध्यक्षता पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह ने और संचालन प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने किया।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई 

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी ने सपा संस्थापक के जन्मदिन के मौके पर ट्वीट करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्‍होंने लिखा कि  मुलायम सिंह यादव जी को उनके 80वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। वे देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और डॉ. लोहिया के विचारों को आगे बढ़ाने में हमेशा अग्रणी रहे हैं। मैं उनकी लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।

योगी ने ट्वीट के जरिये दी बधाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट के जरिये मुलायम सिंह को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं प्रभु श्रीराम से उनके स्वस्थ, सुदीर्घ, समृद्ध एवं सक्रिय जीवन की कामना करता हूं।' 

 

यादव कुनबे में एकजुटता दिखने के आसार नहीं दिख रहें। मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों अलग-अलग आयोजन कर रही हैं। शिवपाल सिंह यादव ने सैफई में इस अवसर पर विशाल दंगल तथा अन्य रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया है। प्रसपा कार्यकर्ता जन्मदिन को एकता दिवस के तौर पर मना रहे हैं। सैफई में विराट दंगल हो रहा है। शिवपाल सिंह यादव सैफई में हैं।

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय में मुख्य कार्यक्रम करने के अलावा जिलों में भी समारोहों का आयोजन कर रही है। लखनऊ में मुलायम सिंह यादव के आवास पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ एकत्र है। यह लोग डीजे के साथ ही ढोल-नगाड़ा और बग्धी लेकर पहुंचे हैं। नेताजी के जन्मदिन का कार्यक्रम यहां समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर हो रहा है।

पिछले जन्मदिन पर भी अलग-अलग थे अखिलेश व शिवपाल

मुलायम सिंह गुरुवार को अचानक दिल्ली से लखनऊ पहुंचे। पिछले जन्मदिन के मौके पर पुत्र अखिलेश और भाई शिवपाल सिंह यादव, दोनों के साथ अलग-अलग केक काटा था। इस दौरान नेताजी ने दोनों की ही पार्टियों को आशीर्वाद देकर राजनीतिक पंडितों को भी चकरा दिया था। नेताजी के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने के लिए दोनों दल ने खास तैयारी की है। उल्लेखनीय है कि अस्वस्थ चल रहे मुुलायम सिंह के आगमन को लेकर भी संशय बना था। माना जा रहा था कि संसद का सत्र चलने के कारण मुलायम सिंह का आना संभव न होगा। शिवपाल यादव का भी कहना था कि संसद का सत्र चल रहा है। इसी कारण नेताजी का स्वास्थ्य कारणों से आ पाना मुश्किल है। 

शिवपाल को फिर झटका

प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने मंगलवार को परिवार में एकजुटता होने की वकालत करतेे हुए मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन 22 नवंबर को एक साथ मनाने की उम्मीद जतायी थी। इतना ही नहीं, शिवपाल सिंह ने 2022 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए आपस में मेल का प्रस्ताव भी रखा था। दूसरी ओर, शिवपाल सिंह यादव की पेशकश पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं की गई। अलबत्ता सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को आगामी विधानसभा अकेले ही लडऩे का ऐलान कर चाचा शिवपाल सिंह यादव के गठबंधन प्लान पर पानी फेर दिया। सपा नेताओं का मानना है कि प्रसपा से मेल की फिलवक्त कोई संभावनाएं नहीं दिखायी देती। शिवपाल सिंह के अलग होने से सपा को जो भी नुकसान होना था वो हो चुका है। मेल करके दूसरा पावर सेंटर बनाने से समाजवादी पार्टी का कुछ भला नहीं होगा। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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