राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी हार के बाद गुजरात कांग्रेस में कोहराम मच गया है। परेश धनाणी ने मंगलवार को हार की जिम्मेदारी लेते हुए जहां नेता विपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, वहीं दावा है कि अल्पेश ठाकोर के साथ आठ विधायक भाजपा के पाले में जाने को तैयार हैं। परेश खुद भी अमरेली संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी थे, लेकिन मोदी की हवा में हार गए। राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा रणनीति के तहत कांग्रेस में बड़ी सेंध लगा सकती है।

कांग्रेस का बड़ा धड़ा प्रदेश के पार्टी आलाकमान से नाराज
कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके विधायक अल्पेश ठाकोर के साथ उनके समर्थक आठ और विधायक पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। अल्पेश व विधायक डॉ आशा पटेल का दावा है कि कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा से नाराज है। हालांकि, चावड़ा ने साफ कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। अल्पेश का कहना है कि कमजोर नेतृत्व के कारण प्रदेश में कांग्रेस लगातार टूट रही है। करीब 15 विधायक कांग्रेस को छोड़ने को तैयार हैं। बकौल अल्पेश लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला नहीं करने की सलाह दी थी। बताया जा रहा है कि पार्टी प्रभारी राजीव सातव जल्द ही गुजरात आएंगे और हार पर मंथन करेंगे।

उपचुनाव में जीते चार विधायकों ने ली शपथ
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए चार विधायकों ने विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की है। विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने मंगवार को उन्हें अपने चेंबर में शपथ दिलाई। इसके साथ ही विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या अब 104 हो गई है। कांग्रेस विधायक रहे जवाहर चावड़ा उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर माणावदर सीट से जीत गए हैं। हालांकि, लोकसभा चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल होने के साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री बना दिया गया था। इनके अलावा डॉ. आशा पटेल ऊंझा से, राघवजी पटेल जामनगर ग्रामीण से तथा पुरुषोत्तम साबरिया ध्रांगध्रा से विधायक चुने गए हैं।

 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Sachin Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस