पटना [जेएनएन]। राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) व जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच 'ऑल इज वेज' के दावों के बीच सबकुछ ठीक नहीं लग रहा। दोनों पक्षों की तरफ से जारी बयानबाजी के बीच अब गिरिराज सिंह ने राजनीति से संन्‍यास का एलान कर दिया है। उन्‍होंने बिहार सरकार पर सौतेला व्‍यवहार का आरोप भी दुहराया है।

दो दिन पहले भी उन्‍होंने कहा था कि बेगूसराय (Begusarai) के लोग सूखा व बाढ़ से परेशान हैं। ऐसे में आवाज नहीं उठाएं तो क्या आत्महत्या (Suicide) कर लें? इस पर जेडीयू नेताओं ने पलटवार किया तो महागठबंधन (Grand Alliance) ने भी तंज कसे थे।

गिरिराज ने दिया राजनीति से संन्‍यास का संकेत

गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की दूसरी पाली उनके राजनीतिक जीवन की भी अंतिम पाली है। उन्‍होंने कहा कि वे राजनीति में मंत्री-विधायक बनने नहीं, कुछ मकसद व सपनों के साथ आए। सपना था, जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है। जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 (Article 370) व 35 ए (Article 35A) हटाना मकसद था। नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के आरंभ में ही धारा 370 और 35ए को हटाकर इस मकसद को पूरा कर दिया है। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में राम मंदिर निर्माण, जनसंख्या नियंत्रण और यूनिफॉर्म सिविल कोड से संबंधित फैसले भी लिये जाएंगे।

बयान पर तेज है बयानबाजी

गिरिराज सिंह के उक्‍त बयान को एनडीए में जेडीयू द्वारा उनके विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है। आज भी उन्‍होंने बिहार सरकार पर विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्‍होंने समय-समय पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते बयान दिए हैं। जेडीयू ने भी ऐसे बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को भी उनके आत्‍महत्‍या कर लेने संबंधी बयान पर सियासत गरमाई हुई है। 

नाराज गिरिराज ने पूछा था- आत्‍महत्‍या कर लें क्‍या?

इसके पहले बीते रविवार को बीजेपी नेता व केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार में अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित इलाकों (Flood affected areas) का दौरा किया था। इस दौरान मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बेगूसराय के लोग सूखा व बाढ़ से परेशान हैं। ऐसे में आवाज नहीं उठाएं तो क्या आत्महत्या (Suicide) कर लें? जो हालात हैं उसमें सरकार से मांग नहीं करें तो किससे करें? गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय को सूखाग्रस्‍त क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है। बेगूसराय का आधा हिस्सा सूखाग्रस्त है तो दूसरे आधे हिस्से में बाढ़ है। बाढ़ग्रस्‍त क्षेत्र में भी राहत व बचाव कार्य नाकाफी हैं।

संन्‍यास वाले बयान पर राजनीति गर्म

गिरिराज सिंह के संन्‍यास वाले बयान पर राजनीति गरमा गई है। इस बाबत पूछने पर जेडीयू के प्रदेश अध्‍यक्ष वशिष्‍ठ नारायण सिंह ने कहा कि यह गिरिराज सिंह का फैसला है, इसलिए इस बाबत उनसे ही पूछा जाना चाहिए।

जेडीयू ने किया पलटवार

इसके पहले के गिरिराज सिंह के अात्‍महत्‍या वाले बयान पर पलटवार करते हुए जेडीयू नेता व बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार (Shravan Kumar) ने कहा कि बयानों में नकारात्मकता नहीं आनी चाहिए। गिरिराज सिंह को आत्महत्या की बात नहीं करनी चाहिए। उन्‍होंने तंज भरे लहजे में कहा कि वैसे किसी को आत्महत्या करने से किसी ने रोका है क्या? हालांकि, ऐसी बातों में दम नहीं है। नीतीश कुमार की सरकार राज्‍य में बाढ़ व सूखा को लेकर गंभीर हैं।

गिरिराज सिंह के बयान पर जेडीयू नेता व बिहार सरकार में मंत्री कृष्‍णनंदन वर्मा (Krishna Nandan Prasad Verma) ने भी पलटवार किया। किसी का नाम लिए बिना उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग चर्चा में रहने के लिए बयान देते हैं। कुछ एेसा ही बयान जदयू के मुख्‍य प्रवक्‍ता संजय सिंह ने भी दिया है। उन्‍होंने तंज कसते हुए कहा कि गिरिराज सिंह को रोका किसने है। 

जेडीयू के प्रवक्‍ता राजीव रंजन (Rajiv Ranjan) ने कहा कि गिरिराज सिंह का बयान मंत्री पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। जेडीयू नेता संजय सिंह (Sanjay Singh) ने भी गिरिराज सिंह के बयान की निंदा करते हुए कहा कि जनता सब देख रही है। उन्‍होंने कहा कि सुशासन को गिरिराज सिंह के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। कमजोर लोग ही आत्‍महत्‍या की बात करते हैं।

राजद का तंज: बेबस हैं तो मंत्रिमंडल छोड़ें

गिरिराज सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा (Manoj Jha) ने कहा कि केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद गिरिराज सिंह अपने क्षेत्र की जनता के लिए राहत कार्य सुनिश्चित नहीं करा सकते। जब वे बेबस हैं तो मंत्रिमंडल छोड़ दें, आत्महत्या नहीं करें।

कांग्रेस बोली: हालात भयावह

गिरिराज सिंह के बयान पर कांग्रेस प्रवक्‍ता प्रेमचंद्र मिश्र (Prem Chandra Mishra) ने कहा कि उनकी बात उनके राज में ही नहीं सुनी जा रही है। राज्‍य में उनके ही एनडीए की सरकार है। उन्‍हें आत्‍महत्‍या तक की बात करनी पड़ रही है। हालात भयावह हैं।

...और सफाई पर उतरी बीजेपी

गिरिराज सिंह के बयान पर बीजेपी प्रवक्‍ता प्रेमरंजन पटेल (Prem Ranjan Patel) ने कहा कि जनता दुखी होगी तो जनप्रतिनिधि भी दुखी होगा ही। गिरिराज का बयान इसी नजरिएसे देखा जाना खहिए। उन्‍होंने जनता के दुख को देखकर ऐसा बयान दिया। बीजेपी प्रवक्‍ता अजफर शम्‍शी (Azafar Shamsi)  ने कहा कि जनप्रतिनिधि को जनता की भावना का ध्‍यान रखना होता है। जहां तक एनडीए की बात है, सबकुछ ठीक है।

पहले भी नीतीश विरोधी बयान देते रहे हैं गिरिराज

विदित हो कि गिरिराज सिंह पहले भी राज्‍य सरकार व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते कड़े व बड़े बयान देते रहे हैं। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कहा था कि उन्‍हें राज्‍य को छोड़ केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका अदा करनी चाहिए। इस बयान पर बवाल मच गया था। हाल में भी उन्‍होंने नीतीश कुमार पर एनआरसी (NRC) का विरोध करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी नाम लिए बिना कहा था कि कुछ नेता केवल प्रचार के लिए बयानबाजी करते रहते हैं। जो भी हो, गिरिराज के हालिया बयान बड़े हैं। उन्‍होंने पहली बार सुसाइड व संन्‍यास की बात की है।

 

Posted By: Amit Alok

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