जागरण संवाददाता, जयपुर। जयपुर सहित छह नगर निगमों के चुनाव के मुद्दे को लेकर राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। राज्य सरकार कोरोना महामारी के कारण चुनाव टलवाना चाहती है। वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर तक चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने पिछले दिनों ही राज्य सरकार की चुनाव टालने की याचिका को खारिज कर 31 अक्टूबर से पहले नियत समय पर चुनाव कराने के आदेश दिए थे। चुनाव टलवाने को लेकर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। सरकार को आशंका है कि इस समय चुनाव के दृष्टिकोण से माहौल पार्टी के पक्ष में नहीं है, लिहाजा मार्च तक चुनाव टल जाए। राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, जोधपुर और कोटा के सभी दो-दो छह नगर निगम के चुनाव कराने संबंधी तीनों जिलों के कलक्टर्स को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। उन्हें चुनाव के प्रारंभिक तैयारियां शुरू करने को कह दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट से जल्दी कोई आदेश नहीं मिला तो आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने चुनाव टलवाने के लिए अपील पेश तो कर दी है, लेकिन अभी तक सुनवाई के लिए तारीख तय नहीं हुई है। एक-दो दिन में सुनवाई की तारीख तय होने की उम्मीद की जा रही है। गहलोत सरकार भले ही तीन नगर निगमों के चुनाव टलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हो, लेकिन शीर्ष कोर्ट से राज्य सरकार को झटका लग सकता है। सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के फैसले को यथावत रखने के आदेश दे सकता है, क्योंकि हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा था कि जब प्रदेश में ग्राम पंचायत के चुनाव करवाए जा सकते हैं तो फिर तीन निगमों के चुनाव कराने में क्या दिक्कत है। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि जयपुर और जोधपुर में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यहां फिलहाल चुनाव कराना संभव नहीं है। लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है। 

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