लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की गंगा यात्रा विपक्ष को पच नहीं रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज गंगा यात्रा को भाजपा का नया 'इवेंट' बताया है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गंगा यात्रा को इवेंट और योगी आदित्यनाथ सरकार को इवेंट मैनेजमेंट कमेटी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा मइया के नाम पर धोखे का धंधा 1985 से चल रहा है। जिस पर गत 15 वर्ष में 900 करोड़ रुपये अधिक व्यय हो चुके हैैं।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा को भटकाव की राजनीति में महारत हासिल है। आम जनता परेशानियों से जूझ रही है। सीएए के विरोध में आक्रोश की आग सुलग रही है। चौका -चूल्हा छोड़कर महिलाएं विरोध में उतर आई हैं। भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को परवाह नहीं, वह खेल-तमाशों में और भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं। सरकार के तीन वर्ष लोकार्पण व महोत्सवों के आयोजनों में ही बीत गए। उनका अपना तो कुछ काम हुआ नहीं, सपा सरकार के सभी कामों को ही अपना बताते रहे हैं।

अखिलेश यादव ने तंज किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो गंगा मइया के बुलाने पर ही आए हैं, जिन्होंने नमामि गंगे के जरिए गंगा सफाई के लिए खजाना खोल दिया, परंतु गंगा मैली की मैली ही बनी है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी गंगा यात्रा में 56 राज्यमंत्रियों को लगाया है। आस्था का झूठा प्रदर्शन कर बजट को खुर्द बुर्द करना ही असल मकसद है।

अखिलेश ने कहा कि गंगा यात्रा से पूर्व जो गांव नदी कटान में उजड़ गए हैं उनको मुआवजा देना चाहिए। बाढ़ से पीडि़त गांव किनारे तटबंध बनाने चाहिए। भाजपा की नीतियों से गंगा किनारे रहने वाले लोगों की परेशानियों में इजाफा ही हुआ है। मुख्यमंत्री ने बिजनौर से गंगा यात्रा की शुरुआत करके स्थानीय लोगों के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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