लखनऊ, जेएनएन। लोकसभा चुनाव में बना गठबंधन टूटने के बाद से बहुजन समाज पार्टी (BSP) छोड़कर समाजवादी पार्टी (SP) में आने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा है। एक के बाद एक कद्दावर बसपा नेता हाथी को छोड़ साइकिल पर सवारी करना पसंद कर रहे हैं। शनिवार को आधा दर्जन बसपा नेताओं को सपा में शामिल कराने के बाद सोमवार को पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। 

बस्ती मंडल के असरदार नेता माने जाने वाले राम प्रसाद चौधरी के साथ पूर्व सांसद अरविंद चौधरी, पूर्व विधायक दूध राम, राजेंद्र चौधरी व नंदू चौधरी के अलावा छह जिला पंचायत सदस्य व पूर्व ब्लाक प्रमुख अखिलेश यादव के समक्ष समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। इससे पूर्व शनिवार को कभी मायावती के करीबी रहे सीएल वर्मा व पूर्व मंत्री रघुनाथ प्रसाद शंखवार भी समाजवादी हो गए थे।

समाजवादी पार्टी में शामिल होने के लिए मची भगदड़ के सवाल पर बसपा के एक पूर्व मंत्री का कहना है कि समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले अधिकतर वे नेता हैं, जिनको संगठन विरोधी कार्यों के आरोप में बसपा से निष्कासित किया जा चुका है। उधर, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि आम जनता में सपा की नीतियों के प्रति भरोसा बढ़ा है। इसलिए बसपा ही नहीं अन्य दलों के कार्यकर्ताओं की पहली पसंद समाजवादी पार्टी ही है।

बसपा में चापलूसों का राज

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व एमएलसी महेश आर्य ने पूर्व मुख्यमंंत्री मायावती को लिखे पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आर्य ने बसपा में चापलूसों का राज होने की बात कहते हुए वर्ष 2009 से लगातार पराजय के बाद भी कारणों पर समीक्षा नहीं किए जाने का आरोप लगाया। उन्हेंने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में सपा से बना गठबंधन बिना संगठन में चर्चा किए तोड़ने से समर्थकों को मायूसी हाथ लगी थी। पार्टी से त्यागपत्र देते हुए आर्य ने मायावती पर मिशन से भटकने का आरोप भी लगाया। आर्य भी समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। 

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