लखनऊ, जेएनएन। आईपीएस संवर्ग के अधिकारी उत्तर प्रदेश में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लागू कराने की जो जंग करीब 50 सालों से लड़ते चले आ रहे थे, उसकी हिमायत उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने भी थी। उन्होंने प्रदेश में इस प्रणाली को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए जाने की बात बड़ी प्रमुखता से रखी थी। इसके दो शहरों में लागू होने के बाद नाईक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दूरभाष पर बात कर कहा कि इस निर्णय से यूपी की कानून-व्यवस्था में और भी तेजी से सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस अधिकारियों को सुचारु ढंग से कानून-व्यवस्था बनाये रखने में बल मिलेगा, जिससे आम आदमी को बेहतर पुलिसिंग मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक बीते दिनों पुलिस की सराहना करते हुए राज्य में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सरकार बनाने के बाद ही अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का संदेश दिया था। उन्होंने बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस पर भरोसा जताते हुए उसके आधुनिकीकरण के लिए बजट का पिटारा भी खोला था। मुख्यमंत्री ने भी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को प्रदेश में लागू किए जाने के संकेत पहले ही दे दिए थे। आखिरकार सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में वह निर्णय हो ही गया, जिसी राह बरसों से तकी जा रही थी।

लखनऊ पुलिस लाइन में 27 दिसंबर, 2018 को तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने पुलिस सप्ताह के तहत आयोजित रैतिक परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। तब उन्होंने मंच से पुलिस की सराहना करते हुए मुंबई व अन्य प्रदेशों की भांति उत्तर प्रदेश में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने की सिफारिश बड़ी मजबूती से की थी। उन्होंने कहा था कि लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद समेत 20 लाख से अधिक आबादी वाले महानगरों में कमिश्नर प्रणाली को बतौर पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाना चाहिए। कहा था कि देश में लगभग 71 शहरों में कमिश्नरी प्रणाली लागू है और 19 महानगरों की ही आबादी 20 लाख से ज्यादा है। उन 19 महानगरों में शामिल 14 शहरों में यह प्रणाली जारी है।

राम नाईक ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में इसे लागू किए जाने से कानून-व्यवस्था में इसके सार्थक परिणाम मिलेंगे। जिन महानगरों में यह प्रणाली लागू नहीं है, उसमें बिहार का पटना, मध्य प्रदेश का इंदौर और उत्तर प्रदेश के तीन लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद शहर शामिल हैं। राम नाईक ने कहा था कि मैं चाहता हूं कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए इस पर अधिक गंभीरता से विचार करके, अध्ययन करके निर्णय ले। राष्ट्र पुलिस से बहुत बड़ी अपेक्षा रखता है। आज अपराध एक प्रदेश तक सीमित नहीं रहता है। बड़े पैमाने पर अपराधी भी संगठित होकर अपराध करते रहते हैं। इसलिये पुलिस की भूमिका अब केवल कानून लागू करने वाले बल की नहीं, बल्कि सक्रिय सेवा प्रदान करने की भी है।

16वां राज्य बना उत्तर प्रदेश

देश के 15 राज्यों के 71 शहरों मेें अब तक पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है। इनमें मुंबई, कोलकता, दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, राजकोट, बड़ौदा, हैदराबाद व अन्य बड़े शहरों के नाम शामिल हैं। उत्तर प्रदेश यह व्यवस्था लागू करने वाला 16वां राज्य बन गया है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले शहरों में लखनऊ व गौतमबुद्धनगर के नाम भी जुड़ गए हैं।

अगले चरण में होगी इन शहरों की बारी

लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की सफलता का सीधा असर कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गोरखपुर व अन्य बड़े शहरों पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में छाह माह के बाद जब इस प्रणाली की समीक्षा होगी, उसके बाद इसका विस्तार इन शहरों में भी कर दिया जाएगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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