नोएडा, जेएनएन। पिछले महीने की 23 मई को लोकसभा चुनाव-2019 परिणाम के बाद देशभर में शुरू हुआ राजनीतिक हमलों-हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में 24 घंटे के भीतर यूपी के गौतमबुद्धनगर में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के दो नेताओं पर हमले हुए, जिसमें एक नेता की मौत हो गई। पूरा मामला सूरजपुर थाने का है।

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से सटे नोएडा में सपा नेता बृजपाल राठी को शुक्रवार रात को गोली मार दी गई, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए। बताया जा रहा है कि चुनाव आचार संहिता से पहले तक नेता बृजपाल को सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन अब हटा ली गई है। ब्रज पाल के दो भाई यूपी पुलिस में दारोगा हैं।

वहीं, एक अन्य मामले में आपसी रंजिश में दो युवकों को देर रात तिलपता के समीप गोली मार दी गई। बताया जा रहा है कि आई 20 कार सवार मिलक लच्छी गांव के रहने वाले ललित गुर्जर और हैबतपुर के रहने वाले विपिन यादव को दौड़ा कर गोली मारी गई। जहां ललित को 2 गोली तो विपिन को 1 गोली लगी है। 

वहीं, इससे पहले शुक्रवार दोपहर समाजवादी पार्टी दादरी विधानसभा प्रभारी रामटेक कटारिया को कार सवार बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया। गोली उनके घर के सामने जारचा रोड विशाल मंदिर के पास मारी। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने ताबड़तोड़ छह गोलियां मारी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

सभासद के भाई रमेश की हत्या में आरोपित थे कटारिया
इस वर्ष चार जनवरी को दादरी के वार्ड नंबर 19 के सभासद के भाई रमेश कार समेत लापता हो गए थे। बाद में रमेश का शव अलीगढ़ में रेलवे लाइन पर मिला था। पुलिस ने रमेश का अज्ञात में अंतिम संस्कार भी कर दिया था, लेकिन 14 जनवरी को परिजन ने रमेश के कपड़ों से शव की पहचान की थी। 21 जनवरी को रमेश के परिजन ने इस मामले में रामटेक कटारिया समेत पांच लोगों को नामजद करते हुए एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।

एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि जांच में अभी तक यह पाया गया है कि हत्या रंजिश में हुई है। जांच में राजनीतिक कारणों के चलते हत्या की बात नहीं सामने नहीं आई है। पीड़ित परिजन द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कराया जा रहा है।

इससे पहले 25 मई को हापुड़ के गांव करनपुर में घर के बाहर सो रहे भाजपा के पन्ना प्रमुख की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। गांव निवासी चंद्रपाल सिंह पुत्र पूरन सिंह भाजपा के पन्ना प्रमुख थे। उनके पांच पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पुत्र देवेंद्र थोड़ी दूर दूसरी चारपाई पर सो रहे थे। देर रात दो बदमाश वहां आए और चंद्रपाल के पड़ोसी धर्मपाल के घर के बाहर लगे बिजली का बल्ब फोड़कर अंधेरा कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने चंद्रपाल को आवाज लगाई।

आवाज सुनकर चंद्रपाल जैसे ही उठकर बैठे, बदमाशों ने उनकी कनपटी से सटाकर गोली चला दी, लेकिन निशाना चूक गया। गोली उनकी बायीं आंख में लगी। इसके बाद वह औंधे मुंह नीचे गिर गए। बदमाशों ने चंद्रपाल की कमर में दो गोलियां मारीं। गोलियों की आवाज सुनकर देवेंद्र की नींद खुली तो उसने शोर मचा दिया। इसके बाद बदमाश पैदल ही जंगल की ओर भाग गए। शोर सुनकर ग्रामीण एकत्रित हो गए, तब तक चंद्रपाल की मौत हो चुकी थी।

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