लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने में सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार प्रयासरत हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर 56 फायर टेंडर का लोकार्पण करने के साथ ही इनके वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जिलों में रवाना किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह अपने सरकारी आवास से 56 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन सभी का उपयोग कोरोना संक्रमण से जंग में शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को सैनिटाइज करने में होगा। प्रदेश में जल्द 35 और वाहन भी खरीदे जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने का हमारा प्रयास जारी है। हमने आज जिन फायर टेंडर का लोकार्पण किया है, यह सभी अब शहरों के साथ गांवों में भी जाकर सैनिटाइजेशन करेंगे। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में सैनिटाइजेशन के लिए स्वीकृत प्रथम फेज के 56 फायर टेंडर का आज लोकार्पण किया गया है। मुझे प्रसन्नता है कि प्रदेश के सभी फायर टेंडर्स आज सेनेटाइजेशन के कार्य के साथ प्रतिबद्धता से जुड़ रहे हैं। आज इनके साथ अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त 56 नए फायर टेंडर जुड़ रहे हैं। यह अत्याधुनिक उपकरणों से फायर टेंडर किसी भी प्रकार के विषाणु अवरोधक कार्य को करने के लिए या विषाणुओं को समाप्त करने के लिए सेनेटाइजेशन के कार्य में भी तत्काल लगेंगे।

उन्होंने कहा कि आज से लगभग दस दिन पहले पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को इस बारे में कहा था कि अगर हम लोग फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों का उपयोग भी सेनेटाइजेशन के लिए कर सकें तो समयबद्ध ढंग से हम प्रत्येक गांव व शहर को पूरी तरह से विषाणु मुक्त कर सकते हैं। लॉकडाउन की इस कार्रवाई में जहां हर नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है, वहीं इस अवधि का उपयोग हम स्वच्छता के साथ ही साथ सेनेटाइजेशन की लिए कर सकें। हमने यह संकल्प लिया है। प्रदेश में इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, ग्राम पंचायतों के सभी लोग पहले से ही कार्य कर रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना वायरस को पूरी तरह परास्त करने के लिए यहां आमजन की सहभागिता से लॉकडाउन में बचाव की हर कार्रवाई को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश की 350 तहसीलों में से आधी तहसीलें ऐसी थीं जिनमें फायर टेंडर नहीं थे। बीते तीन वर्ष में चरणबद्ध तरीके से इन्हें आगे बढ़ाते हुए हमने बड़ा का कर लिया है। अब तक केवल 130 तहसीलें ऐसी रह गई थीं, जिनमें फायर टेंडर अब तक नहीं थे। मुझे आज बताते हुए प्रसन्नता है कि हम 56 ऐसी तहसीलों में फायर टेंडर की स्थापना और उनके इक्विपमेंट को वहां स्थापित करने की कार्रवाई को पूरा करने जा रहे हैं।

 

Posted By: Dharmendra Pandey

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