लखनऊ, जेएनएन। Fight Against Coronavirus : कोरोना संकट से निपटने के लिए अब विधायक अपनी निधि से एक वर्ष में डेढ़ करोड़ रुपये तक चिकित्सीय सुविधाओं व उपकरण आदि खरीदने के लिए दे सकेंगे। विधायक निधि आवंटन नियमावली में किए बदलाव के तहत विधायक किसी एक संस्था को 25 लाख रुपये से अधिक धनराशि नहीं दे सकेंगे। अलग-अलग संस्थाओं को कुल डेढ़ करोड़ रुपये दिए जा सकते है।

ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने बताया कि हालात से निपटने के लिए सरकार ने विधायक निधि आवंटन नियमावली में परिवर्तन किया है। अस्पतालों में वेंटिलेटर, परीक्षण किट, मास्क, थर्मल इमेजिंग स्कैनर, दस्ताने, सेनिटाइजर जैसी जरूरी चीजों की पूर्ति को तत्काल बदलाव किए गए हैं। इससे विधायकों को अपने क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों व राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में जरूरी संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।

प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि भारत सरकार के मानकों के अनुसार खरीदे गए उपकरणों का उपयोगकर्ता जिला मुख्य चिकित्साधिकारी अथवा प्रधानाचार्य राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय को नामित किया गया है। खरीद प्रक्रिया का जिलास्तरीय ऑडिट भी कराया जाएगा। इनसे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षित दूरी से तापमान परीक्षण व थर्मल इमेजिंग स्कैनर की व्यवस्था हो सकेगी।

बता दें कि अब तक विधायक निधि से मात्र 25 लाख रुपये ही चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रदान किए जा सकते थे। इसमें किसी व्यक्ति विशेष के इलाज के लिए अधिकतम पांच लाख रुपये की धनराशि प्रदान करने की व्यवस्था भी थी।

Posted By: Umesh Tiwari

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