लखनऊ, जेएनएन। महामारी कोरोना के संक्रमण के दौरान गरीब, मजदूर के साथ ही किसानों के हितों को वरीयता देने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निराश्रितों के मामले में भी बेहद गंभीर हैं। टीम-11 के साथ समीक्षा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह लोग निराश्रितों का सहारा बनें। इसके साथ ही प्रदेश में कहीं पर भी कोई भूखा न रहे, इसका ध्यान रखें।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में बैठक के दौरान अफसरों से कहा कि निराश्रितों का सहारा सरकार है। प्रदेश में सभी जरूरतमंदों को खाद्यान्न उपलब्ध कराते हुए सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में कोई भूखा न रहे। इसके लिए सभी ग्राम प्रहरियों को और सक्रिय करें। उनके नियमित समय पर फीडबैक लें। इसके साथ ही गेहूं क्रय केन्द्रों को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए किसानों से गेहूं खरीदने का कार्य तेजी से किया जाये।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूकता अभियान को भी गति प्रदान करें। पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लोगों को कोरोना से बचाव के सम्बन्ध में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को सहयोग देने के लिए शासन से नामित विशेष सचिव स्तर के अधिकारी क्वारंटीन सेंटर के साथ कम्युनिटी किचन का नियमित निरीक्षण करें।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिलों में तैनात स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी सभी कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें। अगर कहीं पर भी कोई कमी मिलती है तो तत्काल पूरा कराएं। वहां कर काम करने वाले कर्मियों को इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर संचालन के लिए भी प्रशिक्षित कराएं। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर सीएम योगी आदित्यनाथ का विशेष जोर है। बैठक में उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि गोदाम तथा राशन की दुकान पर प्रशासन का अधिकारी हों। इसके साथ ही परिवहन निगम की बसें संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन कराते हुए संचालित कराई जाएं। प्रदेश में सभी प्रवासी कामगार व श्रमिक को रोजगार देने के सम्बन्ध में स्थापित होने वाले आयोग का शीघ्र गठन किया जाए।  

Posted By: Dharmendra Pandey

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