लखनऊ, जेएनएन। Fight Against Corona Virus : कोरोना वायरस से लंबी लड़ाई की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार चिकित्सा संसाधनों को मजबूत करने में जुट गई है। इसी प्रयास के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए कोविड-19 कलेक्शन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिन छह मंडलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, उन सभी मंडल मुख्यालयों में टेस्टिंग लैब बनाई जाएंगी। इन मंडलों में देवीपाटन (गोंडा), मीरजापुर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और वाराणसी शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 130 करोड़ भारतीय पूरी तत्परता के साथ कोरोना वायरस को समाप्त करने में जुटे हैं। इसे हम अब तक के सबसे बड़े अभियान का हिस्सा मान सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 4-5 दिनों में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ी है। अभी कुल 308 केस हैं और इनमें से 168 केस तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। भारत सरकार की मदद से प्रदेश में इसे हर स्तर पर रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोरोना का पहला पॉजिटिव केस आया, तब प्रदेश में एक भी लैब नहीं थी। वर्तमान में दस टेस्टिंग लैब चल रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ प्रदेश सरकार ने कोविड केयर फंड बनाया है। जनप्रतिनिधियों के साथ समाज के विभिन्न तबकों का इस केयर फंड को सहयोग मिल रहा है। सरकार ने तय किया है कि इस फंड का उपयोग प्रदेश में टेस्टिंग सुविधाओं और कोविड हॉस्पिटल (लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3) की संख्या बढ़ाने में किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 24 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें से 12 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जा रहा है। इन मेडिकल कॉलेजों में नई बीएसएल-3 लैब बनाई जा रही हैं, जहां किसी भी प्रकार के वायरस की जांच के साथ-साथ रिसर्च की भी सुविधा होगी। इसके अलावा अन्य 12 मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड-19 की टेस्टिंग लैब स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया है कि कोरोना से लड़ाई में प्रदेश में जरूर सफलता मिलेगी।

पेशेंट पूलिंग से होगा चिकित्सा संसाधनों का प्रबंधन

यूपी सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ मोर्चा मजबूत करते हुए अपने संसाधनों को प्रबंधन भी शुरू कर दिया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पेशेंट पूलिंग का काम शुरू होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में कोरोना के केवल एक से दो मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है। ऐसे में एक-दो मरीजों के लिए पूरा मेडिकल सिस्टम प्रभावित होता है। इसी कारण मंडलायुक्तों को आदेश दिया गया है कि जिन जिलों में एक-दो मरीजों का इलाज हो रहा है, उन्हें किसी एक ही बेहतर संसाधन वाले अस्पताल में शिफ्ट करा दिया जाए। इससे मेडिकल सिस्टम का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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