लखनऊ, जेएनएन। कोरोना संकट से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से विधायक निधि को एक साल के लिए निलंबित रखने और मंत्रियों-विधायकों के वेतन-भत्तों में 30 प्रतिशत की कटौती करने के फैसलों का सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन और स्वागत किया है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि विधायक निधि की राशि एक वर्ष के लिए कोविड केयर फंड में देने और मंत्रियों-विधायकों के वेतन-भत्तों में कटौती का फैसला देशहित जरूरी है। इस वैश्विक आपदा का मुकाबला करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना दुनिया भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक निधि का प्राविधान जनसेवा के लिए किया गया था। जनजीवन पर आए इस संकट से निदान दिलाने के लिए विधायक निधि का प्रयोग हो, इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।

समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोना से बचाव की दिशा में जो भी कदम उठा रही है, उस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम चाहते हैं कि सरकार इस महामारी से निपटने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करे। कोरोना की जंग लड़ने के लिए सरकार को विभिन्न माध्यमों से जो धनराशि मिल रही है, उसका पारदर्शिता से इस्तेमाल होना चाहिए। जरूरतमंदों तक तत्काल मदद पहुंचे, सरकार इसका भी ख्याल रखे।

कांग्रेस विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि हम लोग इसके लिए पहले से ही तैयार थे। विधायक निधि से एक करोड़ रुपये की घोषणा भी कर दी थी। अब सिर्फ यही आग्रह है कि इसके खर्च को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जाए। वहीं, अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भी सरकार के इन फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कोरोना जैसी वैश्विक महामारी की रोकथाम में मदद मिलेगी।

बता दें कि कोरोना के खिलाफ चल रहे युद्ध में केंद्र की तरह उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को बड़ा निर्णय लिया है। सांसदों की तर्ज पर यहां भी मंत्री-विधायक एक वर्ष तक 30 फीसद कम वेतन लेंगे। साथ ही उनकी एक वर्ष की निधि भी निलंबित कर दी गई है। यह सारी धनराशि कोरोना से बचाव और उपचार पर खर्च की जाएगी। इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर बुधवार को कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति की मुहर लगा दी गई।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021