चेन्‍नई, एएनआइ। तमिलनाडु में डीएमके के खेमे में हलचल बढ़ गई है। चेन्नई के मरीना बीच पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के स्मारक पर दिवंगत नेता के पुत्र तथा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) से निष्कासित एमके अलागिरी और उनके समर्थक रैली कर रहे हैं। अलागिरी की मांग है कि उन्‍हें पार्टी में फिर शामिल किया जाए।

तमिलनाडु में चेन्नई के मरीना बीच पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के स्मारक पर दिवंगत नेता के पुत्र एमके अलागिरी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्‍होंने कहा, 'यहां मेरे समर्थन में आज 1 लाख लोग पहुंचे हैं। क्‍या वे इन सभी को बाहर कर देंगे। आप उनसे पूछिए और मुझे बताइए।'

एम करुणानिधि के निधन के बाद से एमके अलागिरी और एमके स्‍टालिन के बीच पार्टी को लेकर शुरू हुई उठापटक जारी है। कुछ दिनों पहले अलागिरी ने धमकी दी थी कि अगर उन्‍हें फिर से शामिल नहीं किया गया, तो पार्टी को गंभीर नजीते भुगतने होंगे। अलागिरी का कहना है कि करुणानिधि के निधन के बाद डीएमके को बचाने के लिए वह ये सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कलईनार (करुणानिधि) अब नहीं हैं। पार्टी को बचाना है। यदि उन्होंने मुझे फिर से शामिल नहीं किया तो उन्हें परिणाम भुगतने पड़ेंगे।' अलागिरी को 2014 में करुणानिधि ने पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखाया था।

हाल ही में डीएमके की महापरिषद की बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और दिवंगत एम करुणानिधि के छोटे बेटे एमके स्टालिन को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था। इसके अलावा वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रधान सचिव दुरईमुरुगन को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। इस दौरान कहा गया कि पार्टी में किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।

Posted By: Tilak Raj