लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 11 सीटों पर हुए उपचुनाव में से तीन पर जीत हासिल करने से उत्साहित समाजवादी पार्टी 31 अक्टूबर को पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की जंयती पर प्रदेश के सभी जिलों में बड़े आयोजन कर शक्ति प्रदर्शन करेगी। इन आयोजनों में पार्टी संगठन के निवर्तमान पदाधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है। फ्रंटल संगठन व प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता भी कार्यक्रमों को सफल बनाने में जुटेंगे।

उपचुनाव में जीत के बाद सपा ने संगठन को कसने के लिए शुरुआत कर दी है। इसके तहत जिलों में पदों के दावेदारों का दमखम देखा जाएगा। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने पत्र भेज कर कहा है कि जयंती समारोहों में सरदार पटेल के आदर्शो की चर्चा करने के साथ भाजपा के दुष्प्रचार से भी जनता को आगाह किया जाएगा। सरदार पटेल ने ही भारत की एकता व सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए ही आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा कि पटेल जंयती पर संगठन मजबूत करने का संकल्प भी लिया जाए।

भाजपा शासन में निराशा भरा धुंधलका

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था भाजपा के नियंत्रण में नहीं रह गई है। चारों तरफ निराशा भरा धुंधलका है। आम लोगों में आक्रोश है कि भाजपा के पास नागरिकों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं है। सरकार की राजनीतिक इच्छा शक्ति आखिरी सांसें ले रही है। उन्होंने कन्नौज के सौरिख क्षेत्र में एक भाजपा नेता द्वारा किशोरी से दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने का मुकदमा नहीं लिखे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो भूख से परेशान लोग खुद को आग के हवाले कर रहे हैं। सरकार का रवैया संवेदनहीन है। अब भाजपा सिर्फ दहशत व परेशानियों का पर्याय बन कर रह गयी है। 

Posted By: Umesh Tiwari

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