उदयपुर, जेएनएन। नेता प्रतिपक्ष और उदयपुर विधायक गुलाबचंद कटारिया अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी वह अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहे। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान रविवार को झाड़ोल में आयोजित जनसभा में उनका बयान जमकर चर्चा में है। 

जिसमें उन्होंने कहा कि मुसलमानों के प्रति कांग्रेस की नीति ऐसी ही रही तो सत्तर सालों में देश के अनेक टुकड़े हो जाएंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस को देश की अस्मिता की चिंता नहीं है। वह वोट की खातिर इतना नीचे गिर सकती

है। 

कटारिया ने कहा कि यह आज की बात नहीं है, आजादी से चली आ रही है। वे दोस्ती निभाने में लगे थे, देश का धर्म नहीं निभा रहे थे। उन्होंने जनसभा में कहा कि देश का बंटवारा जनसंख्या के आधार पर हुआ था। जहां मुसलमान ज्यादा रहते, वह पाकिस्तान बना जबकि इन्होंने भारत को धर्मशाला बना दिया। यह सब नेहरू की मेंटलिटी का नतीजा है। हिन्दुस्तान का विभाजन हुआ तब पाकिस्तान में 23 प्रतिशत हिंदू थे और अब दो प्रतिशत रह गए हैं। वहां का हिंदू दर-दर की ठोकर खा रहा है। इसके विपरीत भारत में नौ प्रतिशत मुसलमान था और आज उन्नीस प्रतिशत हो गया है। थोड़े दिन और रूक जाओ। आप दो बच्चे ओर वह बारह करते रहे तो सत्तर साल में हिंदूस्तान को बांटकर टुकड़े-टुकड़े कर देंगे। इससे हिंदूस्तान की संस्कृति खत्म हो जाएगी। हम

कांग्रेस की मेंटलिटी से नाराज हैं। वह वोट का भिखारी बनकर धंधा करना चाहता है।

कटारिया ने कहा कि हम कांग्रेस की मेंटलिटी से पूरी तरह नाराज हैं। हम आतंकवाद को एक मिनट भी बर्दाश्त नहीं करना चाहते, चाहेे वह पाकिस्तान का क्यों ना हो। जो आए दिन हमारी सेना पर हमला करता है। हमारे झंडे को निशाना बनाता है। हम उसके खिलाफ हैं जबकि कांग्रेसी उनके समर्थन में खड़े ही नहीं होते बल्कि उनकी पीठ ठोकते हैं जो हिंदूस्तान की यूनिवर्सिटी में देश विरोधी नारे लगाते हैं। कहते हैं भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशा अल्ला-इंशा अल्ला और अफजल हम शर्मिंदा है तेरे कातिल जिंदा है नारे लगाने वालों की पीठ ठोकने पप्पू (राहुल गांधी) जाता है। उसे शर्म नहीं आती। वोटों के पीछे इतने गिरोगे। ऐसे तो हिंदूस्तान की अस्मिता खत्म हो जाएगी। उन्हें नहीं पता अफजल कौन था? जिसे देश जानता है कि संसद पर हमला करने वाला अफजल एक आतंकी था, उसके लिए ये लोग खड़े हो जाते हैं, हम इसके खिलाफ हैं। कटारिया बोले वह हिंदूस्तान के उस जवान ने शहीद होने से पहले आतंकियों को मार गिराया, नहीं तो देश की संसद पर आतंकी कब्जा कर लेते। 

Posted By: Preeti jha

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