जेएनएन, सिरसा। इंडियन नेशनल लाेकदल (इनेलो) से हाल में ही निलंबित किए सांसद दुष्यंत चौटाला रविवार शाम सिरसा अपने घर पहुंचे तो उनके समर्थक उमड़ पड़े। इनमें इनेलो के युवा कार्यकर्ता शामिल थे तो पुराने कार्यकर्ता भी। दुष्‍यंत ने कहा, दीवावली तक नई ख़ुशी व नया सवेरा लेकर आएंगे। मैंने पार्टी द्वारा दिए गए नोटिस का जवाब दे दिया है। नोटिस की भाषा इनेलो प्रधान ओमप्रकाश चौटाला के नहीं हैं। दुष्‍यंत ने अपने अगले कदम का संकेत देते हुए कहा कि सुनामी एक बूंद से नहीं आती।

बता दें कि चौटाला प‍रिवार के विवाद ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी है। चाचा अभय चौटाला और भतीजे दुष्‍यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला के बीच विवाद से चौटाला परिवार में टूट तय लग रही है। पिछले दिनों इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने दुष्‍यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला को पार्टी से निलंबित कर दिया था व दोनों को नोटिस जारी किया था।

 

सिरसा में रविवार को समर्थकों के बीच सांसद दुष्‍यंत चौटाला।

इसके बार 18 अक्‍टूबर को इनेलो की कार्यकारिणी की गुरुग्राम में हुई आपात बैठक में दोनों भाइयों को पार्टी से निष्‍कासित करने का अधिकार आेमप्रकाश चौटाला को सौंप दिया था। चौटाला ने अनुशासन समिति को मामले को अनुशासन समिति को सौंप दिया था अौर 25 अक्‍टूबर से पहले रिपोर्ट देने को कहा था। समझा जाता है कि 25 अक्‍टूबर कोे जब आेमप्रकाश चौटाला चिकित्‍सा जांच के लिए तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे तो दुष्‍यंत और दिग्विजय चौटाला को इनेलो से निष्‍कासित करने की घोषणा की जा सकती है।

दुष्‍यंत चौटाला र‍विवार शाम को सिरसा में अपने घर पहुंचे तो भारी संख्‍या में उनके समर्थक वहां उमड़ पड़े। समर्थकों ने दुष्‍यंत का गर्मजोशी से स्‍वागत किया। दुष्‍यंत ने समर्थकों को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि पार्टी द्वारा दिए गए नोटिस का जवाब दे दिया है। दुष्‍यंत ने कहा, ' नोटिस की भाषा आेमप्रकाश चौटाला जी की कतई नहीं थी। जाे भी हो, मैंने इसका जवाब दे दिया है।'

दुष्‍यंत चौटाला के स्‍वागत के लिए रविवार को सिरसा में उमड़े समर्थक।

समर्थकों की गर्मजोशी से उत्‍साहित दुष्‍यंत ने कहा, दीपावली से पहले खुशियों का नया सबेरा आएगा। बस, थोड़ा इंतजार‍ कीजिये। उन्‍होंने कहा कि वह संघर्ष से नहीं घबराते हैं। संघर्ष करना उन्‍होंने अपने दादा आेमप्रकाश चौटाला और पिता डॉ. अजय सिंह चौटाला से सीखा है।

उन्होंने कहा, कार्यकर्ता संयम में रहें। दीपावली तक नई खुशी, नया सवेरा लेकर आएंगे। दीपावली तक इंतजार करें। नोटिस का जवाब देने के बाद अब निर्णय लेने का अधिकार चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के हाथ में है। मैंने जब से होश संभाला है तब से पार्टी को मजबूत करने में कार्य किया है। वर्ष 2009 मे महेंद्रगढ़ का प्रभारी रहकर कार्य किया। इसके बाद दिन-रात पार्टी के लिए कार्य करने में लगा हुआ हूं।

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दुष्यंत चौटाला ने कहा, सुनामी कभी एक बूंद से नहीं आती है। आप मुझ पर भरोसे को अटल रखें और धैर्य रखें। भरोसे को कभी टूटने नहीं दूंगा। अधिकार मांगने से नहीं, कई बार छीनने से ही मिलते हैं। अगर गाज गिरेगी तो सबसे पहले मेरे ऊपर गिरेगी। आपको कभी कोई आंच नहीं आने दूंगा। गोहाना रैली के बाद पहली बार सिरसा पहुंचे दुष्यंत चौटाला ने 20 मिनट तक भाषण दिया।

अपने भाषण में दुष्यंत ने कई बार चौधरी देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला, अजय सिंह चौटाला का नाम लिया। उन्होंने प्रतिपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला का नाम नहीं लिया। बल्कि इशारे ही इशारे में कई बार नोटिस के बारे में जिक्र करते हुए सब कुछ कह डाला।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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