लखनऊ, जेएनएन। Delhi Violence : दिल्ली में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसा पर राजनीतिक दलों कि प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। सभी नेता हालात पर काबू करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उपद्रव व आगजनी की घटनाओं में भारी जान-माल की क्षति पर दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा कि दिल्ली के कुछ क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों की हिंसा, उपद्रव और आगजनी की घटनाओं में भारी जान-माल की क्षति अति-दुखद और अति-निंदनीय है। केंद्र और दिल्ली सरकार को इसे पूरी गंभीरता से लेना चाहिए। बीएसपी की मांग है कि हिंसा की उच्चस्तरीय जांच कराकर सभी लापरवाह और दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें : दिल्ली में भड़की हिंसा के बाद यूपी में अलर्ट, सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त फोर्स लगा हो रही निगरानी

बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती शुरू से ही नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रही हैं। अपने जन्मदिन पर उन्होंने सीएए को नए सिरे से तैयार करने की मांग की थी। उनका कहना था कि नागरिकता देने में मुस्लिमों से भेदभाव करना गलत है। ऐसा नहीं कि पड़ोसी देशों, खासकर पाकिस्तान में रहने वाले सभी मुसलमान सरकार से उत्पीड़ित नहीं हैं। ज्यादती किसी के साथ भी संभव है, इसलिए सरकार मौजूदा कानून को वापस ले। उन्होंने कहा था कि आम सहमति से नया कानून बने और पीड़ित मुस्लिमों को भी नागरिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा थी कि सरकार द्वारा केवल अपनी जिद व अड़ियल रवैये के कारण सीएए लागू किया गया है, जिस कारण देश में हाहाकार जैसे हालात बने हैं।

Posted By: Umesh Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस