लखनऊ, जेएनएन। भारत में निवेश की संभावनाएं तलाशने आई अमेरिकी रक्षा कंपनियों को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां मजबूत होते भारत का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका को पारंपरिक क्रेता-विक्रेता के रिश्ते से आगे बढ़कर सहयोगी बनना चाहिए। इस ओर बढ़ भी रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिका द्वारा भारत को किया जाने वाला सहयोग इस सदी का सबसे बड़ा सहयोग साबित हो सकता है। मेहमान उद्यमियों को निवेश का न्योता भी उन्होंने दिया।

वृंदावन योजना में रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित पांच दिवसीय डिफेंस एक्सपो के दूसरे दिन रक्षा उत्पादन के कारोबार की दिशा-दशा तय करने को विभिन्न सत्र हुए। इसी तरह यूनाइटेड स्टेट-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआइबीसी) ने भारत और अमेरिका की डिफेंस इंडस्ट्री पर चर्चा का सत्र रखा। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में लगातार बढ़ते अवसरों के साथ अमेरिकी रक्षा क्षेत्र की निर्यात क्षमता को समकालिक बनाने की जरूरत है।

अमेरिका की अपनी हाल की यात्रा के दौरान हुए अनेक महत्वपूर्ण समझौतों का जिक्र करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध परंपरागत क्रेता-विक्रेता के अतिरिक्त सहयोगपूर्ण दृष्टिकोण की दिशा में आगे बढ़ेंगे। विश्वास है कि यह रिश्ता भविष्य में अधिक गतिशील और जीवंत होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत और दुनिया के लिए सबसे बड़े रक्षा निर्यातकों में से एक है। साथ ही भारत में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में हमारा सहयोग इस सदी का सबसे बड़ा सहयोग साबित हो सकता है।

रक्षा मंत्री ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि जो सुधार कर लिए गए हैं, वह जारी रहेंगे। अवसरों का लाभ उठाकर भारत में निवेश करें। सेमिनार में यूएसआइबीसी की अध्यक्ष निशा बिस्वाल, अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर सहित अन्य विदेशी उद्यमी उपस्थित थे।

समुद्री सुरक्षा पर मेडागास्कर के साथ द्विपक्षीय वार्ता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां समुद्री सुरक्षा को लेकर मेडागास्कर के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल रोकोटोनिरीना रिचर्ड के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्री पड़ोसियों के रूप में दोनों देशों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे सुरक्षित समुद्री वातावरण विकसित करें, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिच्य तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डिफेंस एक्सपो हमारे रक्षा संबंधों को और मजबूत करने में सहायक होगा। लेफ्टिनेंट जनरल रिचर्ड ने कहा कि समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने में भारत की बड़ी भूमिका है। उन्होंने ऑपरेशन वनिला के लिए अपनी सरकार की तरफ से आभार व्यक्त किया, जिसमें भारतीय नौसेना ने चक्रवात डायन से प्रभावित मेडागास्कर की जनता की सहायता की थी।

Posted By: Umesh Tiwari

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