लखनऊ, जेएनएन। CoronaVirus Lockdown in UP : लॉकडाउन के चलते उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चुनाव लटक गए हैं। जुफर अहमद फारूकी के नेतृत्व में गठित बोर्ड का कार्यकाल 31 मार्च को ही पूरा हो चुका है। वर्तमान में सुन्नी वक्फ बोर्ड खाली पड़ा है। अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार यहां प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। इसके बाद ही चुनाव कराए जाएंगे। विभाग ने इस मामले में निर्णय लेने के लिए फाइल अल्संख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' के पास भेज दी है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष जुफर फारूकी सहित कुल आठ सदस्य थे। इनमें अदनान फारूख शाह, जुनैद सिद्दीकी, सैयद अहमद अली खुशनूद मियां, अबरार अहमद, जुनीद अहमद, अब्दुल रज्जाक खान व इमरान माबूद खान हैं। जुफर फारूकी का नाम इसलिए सबसे अधिक चर्चा में रहा क्योंकि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ उन्होंने अपील करने से मना कर दिया था। साथ ही तमाम विरोध के बावजूद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिली पांच एकड़ भूमि स्वीकार कर ली थी। उनके नेतृत्व में गठित सुन्नी वक्फ बोर्ड का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो चुका है।

वर्तमान में कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है। इन हालात में सरकार चुनाव नहीं करा सकती है। ऐसे में सरकार अब यहां प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण मनोज सिंह ने बताया कि उन्होंने फाइल मंत्री के पास निर्णय लेने के लिए भेज दी है। वक्फ बोर्ड में रुटीन के मामले निपटाने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले से तैनात हैं। लॉकडाउन के कारण सभी गतिविधियां ठप चल रही हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद चुनाव कराने के बारे में विचार किया जाएगा।

पहले ऑडिट फिर होंगे चुनाव : मोहसिन

अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि वक्फ बोर्ड में बहुत गड़बड़ियां हुईं हैं। ऐसे में पहले ऑडिट कराया जाएगा इसके बाद ही चुनाव कराए जाएंगे। वक्फ बोर्ड के साथ ही वक्फ संपत्तियों के आय-व्यय का भी ऑडिट कराया जाएगा।

Posted By: Umesh Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस