लखनऊ, जेएनएन। दर्द और चीख के बीच उत्तर प्रदेश में श्रमिक व कामगारों पर परवान चढ़ रही सियासत में अब सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। खुद को गरीबों की बड़ी मददगार साबित करना चाह रही कांग्रेस ने बॉर्डर पर राजस्थान की बसें खड़ी कर योगी सरकार से चलाने की अनुमति मांगकर घेरने की कोशिश की तो अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को जवाब देने के साथ ही बड़ा दांव चला है। उन्होंने कह दिया कि सरकार अनुमति देगी, यदि कोई दल श्रमिक और बसों की सूची दे। ऐसे में कांग्रेस के सेवाभाव का इम्तिहान है। वह सूची देकर सेवा करती है या तर्क का नया रास्ता पकड़ती है।

प्रवासी श्रमिक-कामगारों की व्यवस्था के नाम पर कांग्रेस लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। पहले ट्रेन का किराया देने की पेशकश की और अब एक हजार बसें उत्तर प्रदेश में चलाने की अनुमति मांगी है। कांग्रेस शासित राजस्थान से सैकड़ों बसें लाकर रविवार को यूपी बॉर्डर पर खड़ी भी कर दीं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बयान जारी कर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा है कि इस वैश्विक महामारी के समय में कांग्रेस द्वारा की जा रही नकारात्मक और ओछी राजनीति की निंदा होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना संकट के समय अपने प्रवासी कामगार व श्रमिकों की सकुशल और सम्मानजनक वापसी पूरी प्रतिबद्धता से कर रही है। अब तक भारत सरकार के सहयोग से 14 लाख से अधिक प्रवासी कामगार-श्रमिक प्रदेश में आए हैं। परिवहन निगम की 12 हजार बसें और प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी के प्रवर्तन पर 200 बसें अतिरिक्त प्रवासी कामगार-श्रमिकों की सेवा में लगाई हैं। राजस्थान, पंजाब या जो भी राज्य सरकार प्रवासी कामगार-श्रमिकों की सूची उप्र शासन को उपलब्ध करा रही है, उस राज्य से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए श्रमिक एक्सप्रेस और अन्य सुरक्षित साधन लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संकट में अगर कोई संस्था या दल सहयोग देने में रुचि लेना चाहता है और प्रदेश सरकार को सूची (प्रवासी श्रमिक एवं साधनों की) भेजेगा तो उन्हें अवश्य अनुमति मिलेगी, उसका स्वागत भी होगा। उन्होंने कहा है कि इस वैश्विक महामारी के समय में कांग्रेस द्वारा की जा रही नकारात्मक और ओछी राजनीति की निंदा होनी चाहिए।

बता दें कि श्रमिक और कामगारों को घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक हजार बसें चलवाने की अनुमति मांगी थी। अगले दिन रविवार को प्रियंका ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि ये राजनीति का वक्त नहीं है। हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों श्रमिक और प्रवासी भाई-बहन बिना खाए-पिए पैदल ही मुसीबतें उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं। हमें इनकी मदद करने दीजिए। हमारी बसों को अनुमति दीजिए।

इसी तरह कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और पार्टी की विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने झांसी बॉर्डर पर श्रमिकों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की और बसें चलाने की अनुमति देने की मांग की।

Posted By: Umesh Tiwari

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