राज्य ब्यूरो, कोलकाता : दूसरे राज्यों में फंसे बंगाल के प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद व लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर लगाए गए आरोपों पर उनके सुर से सुर मिलाए हैं। अधीर ने शनिवार को कहा कि मैंने खुद अमित शाह से बंगाल के प्रवासी मजदूरों को वापस भेजने के लिए दो दिन पहले बात की थी। गृह मंत्री ने मुझे बताया कि मैंने बार- बार लिस्ट मांगी कि कितनी ट्रेन चाहिए लेकिन राज्य सरकार ने लिस्ट नहीं दी। अधीर ने कहा कि अब पता चला कि बंगाल सरकार ने शनिवार को 8 ट्रेनों की लिस्ट दी है। मेरा मानना है कि दबाव में थोड़ा काम हुआ है और प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए अब बंगाल सरकार जागी है। 

अधीर ने आगे कहा, ' बंगाल सरकार और अमित शाह से अपील है कि फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए मिलकर प्रयास करें। शाह ने मुझसे वादा किया था कि बंगाल सरकार से बात करेंगे, उन्होंने किया और दबाव के चलते कुछ काम होने लगा है।' इससे पहले गृह मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि प्रवासियों को ट्रेन से घर वापस जाने में मदद क्यों नहीं की जा रही है। शाह की चिट्ठी में कहा गया है कि अन्य राज्यों की तरह बंगाल में फंसे प्रवासी भी अपने घर वापस जाने की इच्छा रखते हैं। इससे मुझे दुख होता है कि बंगाल सरकार इस संबंध में सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल सरकार ट्रेन की आवाजाही के लिए अपेक्षित अनुमति नहीं दे रही है। 

देश के विभिन्न हिस्सों से अलग-अलग गंतव्य स्थानों तक प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनों का संदर्भ देते हुए, गृहमंत्री ने पत्र में कहा कि केंद्र ने दो लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने की सुविधा प्रदान की है। शाह की चिट्ठी में कहा गया है कि ट्रेनों को बंगाल पहुंचने न देना प्रवासी मजदूरों के साथ अन्याय है, इससे उनके लिए और मुश्किलें पैदा होंगी।

Posted By: Vijay Kumar

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