जेएनएन, चंडीगढ़। लुधियाना की गिल विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप वैद्य ने किसानों की आत्महत्या के लिए पूर्व की अकाली-भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पंजाब विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान वैद्य ने कहा कि राज्य में कई किसान तीन लाख रुपये के लालच में आत्महत्या कर गए।

कांग्रेस विधायक वैद्य ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को तीन लाख रुपये देना शुरू किया था। इसी राशि के लालच में कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं। वैद्य के इस बयान पर आम आदमी पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा ने आपत्ति जताई। इस पर वैद्य ने कहा कि अगर मेरे शब्दों के कारण विपक्ष को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।

इससे पहले उन्होंने अपनी ही सरकार पर भी तंज कसा। कहा कि राज्य में ब्यूरोक्रेसी हावी है। विधायकों को दूसरे दर्जे का माना जाता है। बता दें, वैद्य 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले खुद ब्यूरोक्रेट थे। वैद्य ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सरकार में जब ब्यूरोक्रेट और विधायकों के बीच संवादहीनता बढ़ गई थी तब उन्होंने सभी ब्यूरोक्रेट को यह आदेश दिया था कि वह विधायकों को चाय, दोपहर के खाने या रात के  खाने पर बुलाएं। वह उनसे संवाद करें, जिसके कई अच्छे परिणाम भी सामने आए थे।

वैद्य ने कहा कि कागजों में भले ही विधायकों का दर्जा चीफ सेक्रेट्री के बराबर हो, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है, क्योंकि चीफ सेक्रेट्री तीन लाख रुपये वेतन लेते हैं, जबकि विधायक का वेतन मात्र 25 हजार रुपये है। दोनों बराबर कैसे हो सकते हैं। वैद्य ने सरकार से मांग की कि विधायकों का वेतन बढ़ाने पर भी विचार करना चाहिए।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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