जयपुर, राज्य ब्यूरो। राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने बढ़ती जनसंख्या को लेकर गुरुवार को खूब खरी-खरी सुनाईं। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं की जड़ जनसंख्या है, लेकिन कोई इस पर बात ही नहीं करना चाहता। नियम बना लिया है कि चुनाव लड़ना है तो जनसंख्या की बात ही मत करो, क्योंकि एक बार 1975 में नसबंदी के कारण राज पलट गया था। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भरत सिंह ने उक्त बातें कहीं।

 भरत सिंह ने अपनी ही सरकार को भी निशाने पर लिया

भरत सिंह कांग्रेस की पिछली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। कोटा के सांगोद से विधायक भरत सिंह की गिनती राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ और स्पष्टवादी नेताओं में होती है। उन्होंने सदन में बोलते हुए कहा कि टिड्डियां क्या हैं? टिड्डियों से ज्यादा तो हम हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जनसंख्या वृद्धि पर सदन में चर्चा क्यों नहीं होती है? भरत सिंह ने अपनी ही पार्टी की सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हम ड्राइविंग सीट पर हैं (आगे ले जाने की जिम्मेदारी है)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसके ड्राइवर हैं। ऐसे में यदि कोई पहिया पंक्चर हो गया है तो हमें उन्हें बताना चाहिए कि पहिया बदलना जरूरी है।

आज हमारी प्रशासनिक व्यवस्था छिन्न- भिन्न हो रही है। आदर्श गांव आपने बना तो दिए, लेकिन इनकी मॉनीटरिंग नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री ने नवंबर महीने में आदर्श ग्राम योजना की घोषणा की थी। हमारी सरकार ने गांधीजी के नाम पर ये आदर्श गांव बनाए हैं। ऐसे में कम से कम आदर्श गांवों में तो शराबबंदी की घोषणा होनी चाहिए। शराब राजस्व बढ़ाने का जरिया नहीं होना चाहिए, लेकिन सरकार ने शराब से 10 फीसद ज्यादा राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य दे दिया है।

इसलिए सरकार दोबारा नहीं बनती

भरत सिंह ने कहा कि सरकार चाहे भाजपा की हो या कांग्रेस की, दोनों के वक्त अच्छी योजनाएं आती हैं। बावजूद इसके सरकार दोबारा नहीं बनती है, क्योंकि योजनाओं की सर्विस डिलीवरी का सिस्टम लड़खड़ा गया है।

 

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