लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के नाम पर उपद्रव कर रहे आराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिये हैं। सोमवार शाम मऊ में एनआरसी और सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ के डीआइजी मनोज तिवारी को हटा दिया है। उनकी जगह रविन्द्र गौड़ को नया डीआइजी बनाया गया है। सीएम योगी ने सभी पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नजर रखें कि कोई कानून से खिलवाड़ न कर सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन, कानून तोड़ने वाले के साथ सख्ती से पेश आए। किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर प्रदेश के सभी एडीजी, कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, डीएम और एस-एसएसपी से बातचीत कर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने अफसरों से कहा कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, मौलवी, काजी एवं प्रबुद्धजनों से संवाद स्थापित कर उन्हें बताएं कि नागरिकता संशोधन कानून किसी जाति, मत या मजहब के खिलाफ नहीं है। जिन लोगों ने आगजनी की है, वे लोग छात्र नहीं उपद्रवी हैं।

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर व मऊ में धरना-प्रदर्शन, जुलूस या किसी तरह के विरोध प्रदर्शन को अनुमति न देने के निर्देश इन जिलों के जिलाधिकारियों व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को दिए हैैं। मऊ की घटना पर मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन की कार्यवाही को लेकर भी नाराजगी जताई। प्रदेश में कई जगह विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से मुख्यालय में बने रहने को कहा गया है, जबकि जिलों में भी अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है।

यूपी के कई जिलों हिंसक हुआ विरोध, मऊ भी सुलगा

बता दें कि अलीगढ़ से शुरू हुए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आग सोमवार को कई जिलों में फैल गई। मऊ में भीड़ ने थाने में घुसकर आगजनी व तोड़फोड़ की। सैकड़ों की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और पथराव शुरू कर दिया, जिससे गुरिल्ला युद्ध के हालात पैदा हो गए। बवालियों ने दो बसों पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। पुलिस व मीडियाकर्मियों की गाडिय़ों में आग लगा दी। हालात पर काबू पाने के लिए धारा 144 के साथ ही पूरे जिले में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। वहीं लखनऊ के नदवा कॉलेज और इंटीग्रल विश्वविद्यालय के छात्र भी सड़क पर आ गए। अलीगढ़ में छात्रों के समर्थन में भीड़ ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को छात्रों से खाली करा लिया गया है। देवबंद में भी दारुल उलूम कैंपस के छात्रों ने नारेबाजी की। एहतियातन इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी छुट्टी कर दी गई।

Posted By: Umesh Tiwari

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